जालंधर तहसील में वकील से अभद्रता: ई-रजिस्ट्री के दौरान फोटो विवाद पर हंगामा, CCTV में कैद घटना

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जालंधर- जालंधर में तहसील कार्यालय में ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान नियमों को ताक पर रखकर जबरन फोटो खींचने का विरोध करने पर एडवोकेट रविंदर मनूजा के साथ बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है।

वकील रविंदर मनूजा का आरोप है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अंदर एक तथाकथित ठेकेदार और उसके 11-12 गुर्गों ने मिलकर उन्हें घेर लिया और उन पर हमला करने का प्रयास किया। जब इस अवैध काम का विरोध किया गया, तो खुद को फंसता देख उक्त आरोपियों ने मामले को भटकाने के लिए अब ‘जातिसूचक शब्द’ कहने की झूठी कहानी गढ़नी शुरू कर दी है।

यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़ित एडवोकेट रविंदर मनूजा ने बताया कि वे तहसील कार्यालय में बैंक की एमओडीटी रजिस्टर करवाने के लिए गए थे। वहां उन्होंने देखा कि कुछ अज्ञात लोग सब-रजिस्ट्रार के केबिन के अंदर खड़े होकर जबरन लोगों की ग्रुप फोटो खींच रहे थे।

CCTV  में कैद हुई वारदात। - Dainik Bhaskar

CCTV में कैद हुई वारदात।

वकील मनूजा ने जब इस बात का विरोध किया और कहा कि जब से सरकार द्वारा ई-रजिस्ट्री की व्यवस्था शुरू की गई है, तब से पोर्टल या नियमों में ऐसी किसी भी ग्रुप फोटोग्राफी का कोई प्रावधान ही नहीं है। अगर ऐसा कोई नियम होता तो पोर्टल खुद फोटो की मांग करता।

तहसीलदार ने भी नियमों की जानकारी से किया इन्कार

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडवोकेट रविंदर मनूजा ने तुरंत अंदर जाकर तहसीलदार से इस संबंध में सीधे पूछताछ की। उन्होंने तहसीलदार से पूछा कि क्या विभाग की तरफ से ऐसी किसी फोटो की कोई आवश्यकता या गाइडलाइन है? इस पर तहसीलदार ने साफ तौर पर इन्कार करते हुए कहा कि हमारी तरफ से ऐसी कोई भी रिक्वायरमेंट नहीं है। तहसीलदार ने आगे कहा कि यह व्यक्ति खुद को डीसी ऑफिस से मिला ठेकेदार बताता है, लेकिन विभाग को इस तरह की किसी भी फोटो की कोई जरूरत नहीं है।

कार्यालय के बाहर वकीलों को घेरा

तहसीलदार से जवाब मिलने के बाद जब एडवोकेट मनूजा ने फोटो खिंचवाने से साफ मना कर दिया और दफ्तर से बाहर आए, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे कथित ठेकेदार और उसकी टीम के करीब 11 से 12 लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि इन लोगों ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को पूरी तरह से घेरा हुआ है।

बचाव में आए चश्मदीद, मारपीट की कोशिश नाकाम

वकील रविंदर मनूजा ने बताया कि आरोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन सभी ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। वे उन्हें बुरी तरह पीटने और कपड़े फाड़ने पर आमादा थे। इसी बीच तहसील कार्यालय के बाहर तैनात एक कर्मचारी/व्यक्ति ने बीच-बीच बचाव किया और आरोपियों को हाथ पकड़कर रोका, जिसके कारण उनकी जान बची। इस पूरी घटना के दौरान बैंक के वे अधिकारी और कर्मचारी भी वहां मौजूद थे जो काम करवाने आए थे, और वे इस पूरी गुंडागर्दी के प्रत्यक्षदर्शी हैं।

आरोपियों ने बचने के लिए अब रची झूठी कहानी

एडवोकेट मनूजा ने साफ किया कि अब जब इन आरोपियों को लग रहा है कि उनका अवैध धंधा और वसूली का काम बंद होने वाला है, तो वे कानून के शिकंजे से बचने के लिए एक नई मनगढ़ंत कहानी बना रहे हैं। आरोपी अब पीड़ित वकील पर जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का झूठा आरोप लगा रहे हैं। वकील का कहना है कि मौके की वीडियो और वहां मौजूद चश्मदीद गवाहों से सब कुछ साफ हो जाएगा कि उनके साथ कितनी बड़ी ज्यादती हुई है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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