अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तान में बैठे तस्करों और विदेशी हैंडलरों के संपर्क में था। ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भेजी गई हेरोइन और हथियारों की खेप को यह गिरोह भारतीय सीमा में एकत्र करता था और फिर उसे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने का काम करता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिट्टू कुमार भैया, साहिब सिंह, संजीव नन्नू और संदीप सैनी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार बिट्टू कुमार भैया के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे तस्करी रैकेट के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक, विदेशी हैंडलरों से संपर्क और इसके वित्तीय नेटवर्क की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा अवैध कमाई का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था।
सीमापार से तस्करी एक बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन पंजाब पुलिस ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इस दौरान पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे थोड़े से लालच या पैसों के लिए अंतरराष्ट्रीय नशा और हथियार तस्करी गिरोहों का हिस्सा न बनें। उन्होंने युवाओं से मेहनत, ईमानदारी और कानून का पालन करते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।


