जालंधर: शहर में आम जनता को गलत पार्किंग और यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब खुद सवाल खड़े होने लगे हैं। ताज़ा मामला जालंधर के थाना रामा मंडी से सामने आया है, जहाँ पुलिस प्रशासन ने अपने ही थाने के बाहर बनी सार्वजनिक सड़क का एक बड़ा हिस्सा बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया है और वहाँ कबाड़ व विभिन्न मामलों में ज़ब्त वाहनों की लंबी कतार लगा दी है। शहर में यदि कोई आम नागरिक सड़क किनारे थोड़ी देर के लिए भी गाड़ी खड़ी कर दे, तो ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम तुरंत हरकत में आकर न सिर्फ वाहन को टो (उठाकर) कर ले जाते हैं, बल्कि भारी चालान काटने के साथ-साथ मामला दर्ज करने तक की चेतावनी दे डालते हैं। ऐसे में थाने के ठीक बाहर सार्वजनिक मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर देने से स्थानीय राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जब इस पूरे मामले को लेकर थाना रामा मंडी के प्रभारी से बात की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सड़क पर खड़े किए गए वाहन विभिन्न मामलों में ज़ब्त किए गए हैं। पुलिस उनके असली मालिकों की शिनाख्त कर उन्हें सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है और इसी वजह से इन चुनिंदा वाहनों को अस्थायी रूप से बाहर खड़ा किया गया है। हालांकि, पुलिस के इस तर्क पर लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या कानून का पालन केवल आम नागरिकों के लिए ही अनिवार्य है या फिर व्यवस्था बनाए रखने वाली पुलिस पर भी यही नियम लागू होते हैं।

