इसके बाद DGP ने कहा- पुलिस ने मिनिमम फोर्स यूज की। स्टूडेंट्स से बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई। अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी गई है।
वहीं हंगामे के बाद LPU को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स अपने घर जाना चाहते हैं, वह पेरेंट्स को बुला लें। जो स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में ही रुकना चाहते हैं, वे बेवजह हॉस्टल से न निकलें। केवल जरूरी काम के लिए ही हॉस्टल से बाहर आएं।
बता दें कि यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात बवाल शुरू हुआ था, जो रविवार आधी रात को थमा। इस दौरान यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ हुई। इस माहौल को शांत करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले भी दागे। छात्रों ने भी पुलिस की गाड़ियां फूंक दीं, पथराव किया।
अब स्थिति पुलिस के कंट्रोल में है और यूनिवर्सिटी में पुलिसबल तैनात है। पुलिस ने छात्रों की मांग पर यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की FIR दर्ज कर ली है। रेप के मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का भी गठन किया है, जिसमें 5 स्टूडेंट्स हैं। DIG नवीन सिंगला ने छात्रों का भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच की जाएगी।

सोमवार सुबह LPU के बाहर हाईवे पर आवाजाही सामान्य है। यूनिवर्सिटी के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। डीजीपी गौरव यादव ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर मीडिया से बात की। एसएसपी गौरव तूरा ने पुलिस फोर्स को गाइड किया।
हंगामे के दौरान क्या हुआ? PHOTOS में देखिए पूरा मंजर…





पढ़िए पूरे दिन का घटनाक्रम
- सोशल मीडिया मैसेज फैलने से भड़का गुस्सा: शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध मैसेज तेजी से फैला। दावा किया गया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर एक छात्रा के साथ रेप किया है। मैसेज वायरल होते ही छात्रों का गुस्सा भड़क गया। वे हॉस्टल के बाहर जमा होने लगे।
- यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़, आग लगाई: छात्रों ने देर रात सुरक्षाकर्मियों और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का आरोप था कि कैंपस में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। इससे बाहरी लोग आसानी से अंदर आ जाते हैं। गुस्साए छात्रों ने कैंपस की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया और एक जगह आग लगा दी।
- हाईवे जाम किया, धरना लगाया: इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट की ओर बढ़े और वहां तोड़फोड़ की। मुख्य गेट से बाहर निकलकर छात्रों ने दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना दे दिया। इससे हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
- रेप की FIR कराने पर अड़े छात्र: पुलिस का कहना था कि उन्होंने एक बार स्टूडेंट्स को समझाकर जाम खुलवा दिया था, लेकिन रविवार सुबह करीब 6 बजे स्टूडेंट्स दोबार हाईवे पर धरना देकर बैठ गए। इसके बाद वे नहीं उठे। छात्र गर्ल्स हॉस्टल की छात्रा से कथित रेप और सुसाइड मामले में FIR दर्ज कराने पर अड़े थे।
- SSP नहीं संभाल पाए, DIG ने मोर्चा संभाला: पुलिस की ओर से कपूरथला के SSP गौरव तूरा पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में किसी भी छात्रा से रेप की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद छात्र और भड़क गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लगने के चलते DIG नवीन सिंगला को मोर्चा संभालना पड़ा।
- छात्र FIR के बाद हाईवे छोड़ने पर अड़े: DIG ने स्टूडेंट्स से बात करने की कोशिश की और उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन छात्र FIR दर्ज करने पर अड़े रहे। इसके बाद छात्रों ने DIG से कहा कि मामले में FIR हो जाए और पुलिस इसकी कॉपी लाकर दिखा दे तो स्टूडेंट्स हाईवे छोड़ देंगे।
- FIR हुई तो सांसद से मिलने की जिद: स्टूडेंट्स की बात मानते हुए पुलिस ने फौरन फगवाड़ा के सतनामपुरा थाने में अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की और उसकी कॉपी स्टूडेंट्स को दिखाई। इसके बाद भी छात्र हाईवे से नहीं हटे और उन्होंने नई मांग रखी कि उन्हें यूनिवर्सिटी के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से मिलना है। उनसे बात करने के बाद ही धरना खत्म होगा।
- रात को लाठीचार्ज, पथराव: इसके बाद यह धरना पूरे दिन चलता रहा। पुलिस और मैनेजमेंट ने स्टूडेंट्स के साथ कई दौर की बैठक की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। फिर रात करीब 8 बजे स्टूडेंट्स और पुलिस के बीच टकराव हो गया। छात्रों की ओर से पुलिस पर पानी की बोतलें और पत्थर फेंके गए। बदले में पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- आंसू गैस के गोले दागे, गाड़ियां जलीं, हाईवे खुला: इस दौरान कई छात्र घायल हुए। पुलिस ने छात्रों को पूरी तरह खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इस पर गुस्साए छात्रों ने पुलिस की गाड़ियां तोड़ दीं। कुछ गाड़ियों को आग के हवाले भी कर दिया। इससे छात्रों की पूरी भीड़ हट गई थी, जो दोबारा जमा नहीं हो सकी। इसके बाद छात्र हॉस्टल में अपने-अपने कमरों में चले गए। पुलिस ने हाईवे सुचारू करवाया।
पुलिस बोली- SIT गठित की, इसमें 5 स्टूडेंट्स भी
DIG नवीन सिंगला ने कहा कि FIR दर्ज करने के अलावा जांच के लिए SIT गठित की गई है, जिसमें 5 सदस्य स्टूडेंट्स हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इस केस में न कोई विक्टिम सामने आई है, और न ही रेप और सुसाइड के कोई ठोस सबूत मिले हैं।
उन्होंने कहा कि फिर भी मामले की जांच जारी है। यूनिवर्सिटी के सभी CCTV की पिछले 4 से 5 दिन की फुटेज देखी जा रही है। इस जांच में जो भी निकलकर सामने आता है, उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्टूडेंट्स ने अपनी 5 मांगें और रखी हैं। उन पर भी बात कर समाधान निकाला जाएगा।
छात्रों का दावा- पीड़िता ने सुसाइड किया
वहीं, छात्रों की ओर से एक वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें दावा किया गया कि जिस लड़की के साथ रेप हुआ, उसने सुसाइड कर लिया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक लाश जमीन पर पड़ी है। उसके पास एम्बुलेंस है और कुछ लोग भी जमा है। हालांकि, दैनिक भास्कर इन दावों की पुष्टि नहीं करता।
छात्रों का आरोप था कि छात्रा ने रेप की शिकायत हॉस्टल वॉर्डन और मैनेजमेंट से की थी, लेकिन उन्होंने छात्रा की सुनवाई नहीं की और उसे घर भेज दिया। वह छात्रा परेशान होकर घर चली गई, लेकिन 2 दिन में ही लौट आई। यहां आकर उसने हॉस्टल की बिल्डिंग से छलांग लगा।
