जालंधर: पंजाब सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक खेल विरासत को फिर से जीवंत करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में जालंधर के सरकारी आर्ट्स एंड स्पोर्ट्स कॉलेज में ‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां-2026’ के तहत राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ किया गया। इस राज्य स्तरीय आयोजन का औपचारिक उद्घाटन पंजाब के बागवानी, स्वतंत्रता सेनानी एवं रक्षा सेवा कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने किया, जहां प्रदेश भर से पहुंचे खिलाड़ी वॉलीबॉल, शूटिंग, शतरंज और टेबल टेनिस जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विजन की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं खेलों के प्रति गहरा लगाव रखते हैं और फुटबॉल, हॉकी से लेकर वॉलीबॉल तक हर विधा को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश से नशे जैसी गंभीर समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना सबसे प्रभावी हथियार है, क्योंकि एक अनुशासित खिलाड़ी कभी भी भटकाव या नशे की राह पर नहीं जा सकता। खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने 1,800 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया है, जिसके जरिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में अत्याधुनिक मॉडल खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को आहार और प्रशिक्षण के लिए पहले से ही ठोस वित्तीय सहायता दी जा रही है ताकि प्रतिभा किसी भी तरह के आर्थिक अभाव में न दबे। जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह बाजवा, विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षकों और अधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया, जिसके बाद मंत्री ने खिलाड़ियों को सच्ची खेल भावना, अनुशासन और पूरी दृढ़ता के साथ मैदान में उतरने का संदेश दिया।

