मामला मोहाली के सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। ईडी इसमें कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है। अनुराग वर्मा अभी अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व विभाग) हैं। हालांकि, जिस समय की अनियमितताओं की जांच हो रही है, उस दौरान वह हाउसिंग और शहरी विकास विभाग के प्रमुख थे।

पहले भी नहीं हुए थे पेश
इससे पहले ईडी ने उन्हें 31 अगस्त को बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हो पाए थे। वर्मा ने ईडी से और समय मांगा था। उन्होंने कहा था कि जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय चाहिए। वहीं IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ को भी इस मामले में 27 अगस्त को दोबारा समन भेजा गया था।
बिल्डरों के फायदे की हो रही जांच
सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड में फाइनेंशियल गड़बड़ियां सामने आई थीं। जब ये गड़बड़ियां हुईं, तब ये अधिकारी आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख थे। ED इन अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि निजी बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन के उपयोग में बदलाव (CLU) और अवैध लेआउट के मामले में नियमों का उल्लंघन किया गया था या नहीं।
इसके अलावा, सनटेक सिटी मामले में आरोप है कि पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट की धारा 90 के तहत की जाने वाली कार्रवाई को नजरअंदाज कर केवल धारा 85 के तहत कार्रवाई की गई, जिससे बिल्डर को राहत मिली।
