वहां काम के दौरान हुए एक हादसे में उनका पैर टूट गया था, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने में काफी दिक्कत होती थी। परिजनों का कहना है कि भूपिंदर मानसिक रूप से भी अस्वस्थ हैं। उनकी बहन मंदीप कौर ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनकी उचित देखभाल करने के बजाय उन्हें व्हीलचेयर पर ही लेबनान एयरपोर्ट से भारत रवाना कर दिया।
एयरपोर्ट के अधिकारियों ने दी परिजनों को सूचना
जानकारी के मुताबिक, भूपिंदर 6 अगस्त की रात करीब 11 बजे लेबनान से दुबई होते हुए भारत के लिए रवाना हुए थे। दुबई एयरपोर्ट पर लगभग सात घंटे के ठहराव के दौरान उन्होंने एक-दो बार परिवार से फोन पर बात की। बातचीत में उन्होंने बताया था कि उनका पासपोर्ट खो गया है। इसके बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया और परिवार उनसे दोबारा बात नहीं कर सका।
इस बीच दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि भूपिंदर का बैग और अन्य सामान दिल्ली पहुंच गया है। बेटे के लापता होने से परिवार बेहद परेशान है। परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय तथा दुबई और दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन से भूपिंदर सिंह का जल्द पता लगाकर उन्हें सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने की अपील की है।

