Three BSF personnel injured in an attack by smugglers near the international border in Boxanagar, Tripura. The attackers snatched weapons during the assault pic.twitter.com/duUIPNwzJe
— 𝐆𝐞𝐨 𝐆𝐫𝐢𝐝 (@GeoGrid_) November 2, 2026
तस्करों ने जवानों के साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की और सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। अचानक हुए इस दुस्साहसिक हमले के बाद सीमांत क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
अशाबाड़ी में तस्करों का धावा, 3 जवान लहूलुहान और सरकारी गाड़ी तोड़ी
यह वारदात सोमवार सुबह बॉक्सानगर के अशाबाड़ी इलाके में पेश आई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों को देख जब बीएसएफ के जवानों ने तस्करों को रोकने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने एक संगठित समूह के रूप में जवानों पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने जवानों की बेरहमी से पिटाई की, जिसमें तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान तस्करों ने जवानों के पास मौजूद सर्विस हथियार छीनने का भी प्रयास किया। इसके अलावा हमलावरों ने मौके पर खड़ी बीएसएफ की सरकारी गाड़ी को लाठी-डंडों और पत्थरों से निशाना बनाकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
’हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं’, मुख्यमंत्री माणिक साहा का कड़ा रुख
जवानों पर हुए इस कायराना हमले को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने तीखा आक्रोश जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे अशाबाड़ी में बहादुर बीएसएफ जवानों पर उपद्रवियों द्वारा किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करते हैं।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों के खिलाफ इस प्रकार की हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य और अक्षम्य है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जवानों पर हमला अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है।
दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश, सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि हमले में शामिल उपद्रवियों और तस्करों की फौरन पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
सीएम ने स्पष्ट किया कि सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवान सम्मान और पूर्ण सुरक्षा के हकदार हैं और उनका संरक्षण करना शासन-प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती बस्तियों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और घायल जवानों का चिकित्सकीय उपचार कराया जा रहा है।

