जालंधर में सेहत विभाग का बड़ा एक्शन: 1000 किलो संदिग्ध मिलावटी पनीर और 68 किलो मिल्क क्रीम जब्त, 9 सैंपल जांच के लिए भेजे**

त्योहारी सीजन में बड़ा खुलासा! जालंधर में 1000 किलो संदिग्ध पनीर और 68 किलो क्रीम सील, सेहत विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई**

 

**जालंधर:** त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही लोगों की सेहत से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ रोकने के लिए सेहत विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के तहत बुधवार अल सुबह फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने शहर में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब **1000 किलो संदिग्ध मिलावटी पनीर** और **68 किलो मिल्क क्रीम** को सील कर जब्त कर लिया। यह कार्रवाई अधिकारी **कंवलप्रीत कौर बराड़** और **डीसी वरिजीत वालिया** के दिशा-निर्देशों तथा **सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग** के आदेशों के तहत **आयुक्त फूड रजिंदर पाल सिंह** की अगुवाई में की गई। फूड सेफ्टी अफसर **मुकुल गिल, रॉबिन कुमार और रवि नंदन गोयल** की टीम ने सबसे पहले **जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स** और उसके बाद **मॉडल हाउस स्थित चावला डेयरी** में अचानक छापेमारी की।

 

जांच के दौरान विभागीय टीम ने डेयरी संचालक से दूध एवं दूध से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड मांगा। पूछताछ में डेयरी संचालक ने बताया कि दूध से बने उत्पादों का निर्माण **काला संघिया रोड** स्थित यूनिट में किया जाता है। इसके बाद फूड सेफ्टी टीम तत्काल उक्त स्थान पर पहुंची और वहां भी विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि वहां केवल **घी और दही** का निर्माण किया जा रहा था, जबकि **पनीर का निर्माण वहां नहीं हो रहा था**। जब टीम ने पनीर के निर्माण और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों एवं स्रोत के संबंध में जानकारी मांगी तो डेयरी संचालक संतोषजनक जवाब देने में असफल रहा। इसी आधार पर विभाग ने पनीर और क्रीम में संभावित मिलावट की आशंका जताते हुए तत्काल कार्रवाई की।

 

सेहत विभाग ने मौके से **2 पनीर, 1 मिल्क क्रीम, 1 देसी घी और 1 दही** के नमूने लिए। इसके अलावा जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स स्थित **राधे डेयरी, लवली डेयरी और सतपाल डेयरी** से भी **3 दूध और 1 घी** का नमूना एकत्र किया गया। इस प्रकार कुल **9 खाद्य नमूने** जांच के लिए **स्टेट फूड लैबोरेटरी** भेजे गए हैं। वहीं, संदिग्ध पाए गए लगभग **1000 किलो पनीर** और **68 किलो मिल्क क्रीम** के पूरे स्टॉक को मौके पर ही सील कर जब्त कर लिया गया है। विभाग ने फूड एनालिस्ट को भी पत्र लिखकर जब्त किए गए नमूनों की रिपोर्ट प्राथमिकता के आधार पर जल्द जारी करने का अनुरोध किया है ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 

सेहत विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लैब से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते या उनमें मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ **फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट** के तहत सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान जिले भर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और मिलावटखोरों के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो इसकी सूचना तुरंत सेहत विभाग को दें, ताकि समय पर जांच कर लोगों की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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