अपराध की पहली सीढ़ी है नशा: कपूरथला जेल में कैदियों को दी गई नशे के दुष्प्रभावों की सीख, स्किट से किया जागरूक

कपूरथला: समाज को नशे की कुरीति से मुक्त करने और बंदियों को मुख्यधारा से जोड़कर एक नई व सकारात्मक जिंदगी शुरू करने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल, कपूरथला में ‘भारत नशा मुक्त अभियान’ के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जेल सुपरिंटेंडेंट श्यामल ज्योति, एडिशनल सुपरिंटेंडेंट भूपिंदर सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट प्रभजोत सिंह तथा एडिशनल सुपरिंटेंडेंट धीरज कुमार ने विशेष रूप से शिरकत की। अधिकारियों ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसा सामाजिक कलंक है जो केवल नशेड़ी व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज का सर्वनाश कर देता है। अक्सर युवावस्था में कौतूहल या गलत संगति के चलते नशे की दलदल में पहला कदम रख दिया जाता है, जो आगे चलकर जीवन को अंधकार में धकेल देता है। अपराध की दुनिया में प्रवेश की पहली सीढ़ी भी अधिकांशतः नशा ही बनती है। वक्ताओं ने कैदियों को दृढ़ संकल्प के साथ नशे की लत त्यागने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और एक सभ्य समाज के निर्माण में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान नशे के घातक परिणामों और उससे उबरने के संदेश पर आधारित एक प्रभावशाली स्किट (लघु नाटक) का भी मंचन किया गया, जिसने सभी को आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित किया।

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