चंडीगढ़ IED केस में अमृतसर-तरनतारन कनेक्शन: 2 रिश्तेदार गिरफ्तार, मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे IED और विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें 2 तरनतारन और एक अमृतसर का रहने वाला है। 2 आपस में रिश्तेदार हैं। दोनों पेंटर हैं। तीनों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

दोनों रिश्तेदार घर से मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे। इनमें से एक को मां ने पैसे इकट्‌ठे करके दिए थे। वहीं अमृतसर के रहने वाले आरोपी की नानी ने बताया कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका नाती इतनी बड़ी और गंभीर गतिविधि में शामिल हो सकता है। वह पिछले कुछ समय से उनके पास रह रहा था। यहां वह दिहाड़ी-मजदूरी करता था। पुलिस ने लवप्रीत सिंह (18) निवासी सरहाली (तरनतारन), जश्नदीप (21) निवासी देवबा (तरनतारन) और प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ (19) निवासी तरसिक्का (अमृतसर) को गिरफ्तार किया है।

चंडीगढ़ जिला अदालत ने तीनों आरोपियों को पेश किया गया। - Dainik Bhaskarचंडीगढ़ जिला अदालत ने तीनों आरोपियों को पेश किया गया।

लवप्रीत सिंह, जिसे चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
लवप्रीत सिंह, जिसे चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

भीड़भाड़ वाली जगह पर IED लगाने की तैयारी में थे

पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को सूचना मिली थी कि तरनतारन के रहने वाले लवप्रीत सिंह और जश्नप्रीत सिंह विदेश में बैठे आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों के संपर्क में हैं। दोनों सेक्टर-42/43 इलाके में घूम रहे थे। उनके पास बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री होने की सूचना थी।

पुलिस का दावा है कि आरोपी चंडीगढ़ में भीड़भाड़ वाली जगह पर IED लगाकर धमाका करने की तैयारी में थे। इसके बाद सेक्टर-36 थाने में FIR दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। खुफिया तंत्र और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने 23 अगस्त को तीनों को गिरफ्तार किया।

इनसे 6 किलो जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर, पावर सोर्स, दूर से संचालित होने वाला उपकरण, एक पिस्टल, एक मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, IED सक्रिय नहीं था।

IED की सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड की टीम भी मौके पर पहुंची।
IED की सूचना मिलते ही बम स्क्वॉड की टीम भी मौके पर पहुंची।

बब्बर खालसा इंटरनेशनल के लिए काम कर रहे थे

पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे। वे विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे। आरोपियों को विस्फोटक सामग्री पहुंचाने, जरूरी सामान जुटाने, हमले के लिए जगह तलाशने और IED लगाने से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं।

पुलिस अब आरोपियों से रिमांड के दौरान उनके विदेशी हैंडलरों से संपर्क और पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री के सोर्स और संभावित टारगेट का भी पता लगाया जाएगा।

मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे

जानकारी के मुताबिक लवप्रीत (18) आठवीं कक्षा तक पढ़ा था। वह पेंट का काम करता था। उसके खिलाफ सरहाली थाने में एक केस भी दर्ज है। परिवार के अनुसार, वह घर से यह कहकर निकला था कि बुआ के बेटे जश्नप्रीत के साथ माता के मंदिर जा रहा है। मां ने बताया कि बेटे के लिए उन्होंने लोगों से पैसे इकट्‌ठे किए थे। ये पैसे उन लोगों से लिए थे, जिन घरों में वह काम करती है।

लवप्रीत के माता-पिता ने कहा कि बेटा नशा नहीं करता था।
लवप्रीत के माता-पिता ने कहा कि बेटा नशा नहीं करता था।

मां बोली- बेटा 3 दिन से फोन नहीं उठा रहा था

मां ने बताया कि लवप्रीत इस बात को लेकर तनाव में रहता था कि उसके पिता भी नशा करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी कहीं भी जांच करवाई जा सकती है। लवप्रीत की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। मां ने बताया कि तीन दिन से बेटा उनका फोन नहीं उठ रहा था, जिससे वह काफी परेशान थीं।

पिता ने कहा- बेटा नशा नहीं करता था लवप्रीत की मां ने बताया कि वह शुगर की मरीज हैं। उन्होंने कहा बेटे के साथ धक्का हुआ है। अपने बेटे पर पूरा यकीन है। वहीं, लवप्रीत के पिता ने बताया कि वह पहले नशा करते थे और अब उन्हें सुबह-शाम सरकारी दवा मिलती है। उन्होंने कहा कि लवप्रीत खुद कोई नशा नहीं करता। वहीं जश्नप्रीत ने भी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी और पेंट का काम करता था। जसनप्रीत की पांच बहनें हैं।

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