पंधेर ने कहा कि किसानों और मजदूरों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हें लेकर आंदोलन को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने गन्ने और चीनी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उनका कहना था कि बाजार में चीनी के दाम बढ़ रहे हैं, जबकि किसानों को गन्ने का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने पंजाब सरकार से तरनतारन सहित बंद पड़ी चीनी मिलों को तुरंत शुरू करने और किसानों को गन्ने का उचित रेट देने की मांग की।
उन्होंने केंद्र सरकार से भी किसानों के हित में ठोस नीति बनाने की अपील की। पंधेर ने कहा कि यदि घरेलू उत्पादन मजबूत नहीं किया गया और किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिला तो देश को चीनी आयात करने की जरूरत पड़ सकती है।
पंधेर ने बारिश और बढ़ते जलस्तर पर चिंता जताई
बारिश और बढ़ते जलस्तर पर चिंता जताते हुए पंधेर ने कहा कि सतलुज, ब्यास और रावी सहित कई नदियों में पानी बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहले से अलर्ट जारी करने और जलस्तर की जानकारी लगातार लोगों तक पहुंचाने की मांग की।
उन्होंने केंद्र को चेतावनी दी कि पिछले अनुभवों को देखते हुए अचानक बड़ी मात्रा में पानी न छोड़ा जाए। पंधेर ने माधोपुर हेड और रणजीत सागर डैम से अचानक पानी छोड़े जाने का मुद्दा उठाया।
दिल्ली में युवाओं पर कथित पैलेट गन इस्तेमाल के मामले में भी उन्होंने कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शंभू, खनौरी और रतनपुरा किसान आंदोलनों के दौरान हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
