जालंधर- जालंधर में वाहन चेकिंग अभियान के दौरान उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ट्रैफिक पुलिस और एक महिला वकील के बीच चालान काटने को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मी सड़क पर वाहनों के दस्तावेजों की नियमित जांच कर रहे थे, इसी दौरान उन्होंने महिला वकील की गाड़ी को रुकने का इशारा किया। कागजात दिखाने को लेकर शुरू हुई साधारण बातचीत कुछ ही पलों में तीखी बहस और हंगामे में तब्दील हो गई।
महिला वकील ने मौके पर मौजूद एसएचओ सुखविंदर पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे पहले ₹2,000 और फिर विरोध जताने पर ₹5,000 की रिश्वत की मांग की। महिला वकील ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह अमृतसर से लौट रही थीं और उनका बच्चा बीमार था, जिसे वे तत्काल अस्पताल ले जा रही थीं। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घंटों तक रोके रखा और मानसिक रूप से परेशान किया।
दूसरी ओर, ट्रैफिक पुलिस ने महिला के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कार्रवाई से बचने की कोशिश करार दिया है। पुलिस का कहना है कि जब वाहन को जांच के लिए रोका गया और दस्तावेज मांगे गए, तो महिला गाड़ी से बाहर नहीं निकलीं और कोई भी वैध कागज दिखाने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन की असली नंबर प्लेट को जानबूझकर छिपाया गया था ताकि पहचान न हो सके। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी तरह की रिश्वत की मांग नहीं की गई और लगाए गए सभी आरोप झूठे व मनगढ़ंत हैं। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
