चावला डेयरी पर 5 अगस्त 2026 को विभागीय छापेमारी के दौरान करीब 1000 किलो पनीर और 60 किलो क्रीम/देसी घी बरामद किया गया था
जालंधर- काला सिंघा रोड स्थित चावला डेयरी को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता रोहित अरोड़ा ने सिविल सर्जन-कम-जिला फूड सेफ्टी अधिकारी को शिकायत देकर कहा है कि 5 अगस्त 2026 को विभागीय छापेमारी के दौरान करीब 1000 किलो पनीर और 60 किलो क्रीम/देसी घी बरामद किया गया था।
शिकायत में कहा गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच करवाने और बरामद खाद्य सामग्री के संबंध में विभागीय रिकॉर्ड सामने रखने की मांग की है।

सैंपल रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
रोहित अरोड़ा ने मांग की है कि छापेमारी के दौरान लिए गए सभी खाद्य नमूनों की लैब रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि बरामद करीब 1000 किलो पनीर और 60 किलो क्रीम/देसी घी का बाद में क्या किया गया।
यदि खाद्य पदार्थ जांच में Unsafe, Sub-standard या Misbranded पाए गए हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
लाइसेंस से लेकर पुराने रिकॉर्ड तक जांच की मांग
शिकायत में चावला डेयरी और संबंधित फैक्टरी के FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन की भी जांच की मांग की गई है। इसके अलावा पिछले दो वर्षों में प्रतिष्ठान के खिलाफ आई शिकायतों, विभागीय निरीक्षणों, सैंपलिंग और कार्रवाई का रिकॉर्ड जांच में शामिल करने को कहा गया है।
शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री बरामद होने के बाद प्रतिष्ठान को सील क्यों नहीं किया गया और इस संबंध में निर्णय किस अधिकारी द्वारा लिया गया।
कार्रवाई की लिखित रिपोर्ट मांगी
रोहित अरोड़ा ने पूरे मामले की जांच के बाद Action Taken Report (ATR) लिखित रूप में उपलब्ध करवाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामला आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा है, इसलिए केवल औपचारिक नोटिस जारी करने के बजाय तथ्यों की पूरी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
पक्ष: शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग और चावला डेयरी का पक्ष सामने आने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए।
