वायरल वीडियो चैनलों पर प्रकाशित न किया जाए
जत्थेदार ने कहा कि परिवार की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए वायरल वीडियो को अपने चैनलों पर प्रकाशित न किया जाए। न ही पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला बच्चे के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए उसकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। जत्थेदार ने बताया कि पीड़ित बच्चे के परिवार की शिकायत के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रैगिंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्कूल प्रिंसिपल की भूमिका पर उठे सवाल
उन्होंने स्कूल प्रशासन और प्रिंसिपल की भूमिका पर भी सवाल उठाए। जत्थेदार के मुताबिक, बच्चों के माता-पिता की ओर से स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायतें की जा रही हैं। उनका कहना है कि जो प्रिंसिपल स्कूल में बच्चों के बीच अनुशासन कायम नहीं रख सकता, उसे पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
एक सप्ताह में प्रिंसिपल बदलने का भरोसा
इसी के चलते जत्थेदार ने स्कूल प्रशासन से बातचीत कर प्रिंसिपल को तुरंत बदलने के लिए कहा है। स्कूल प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि एक सप्ताह के भीतर प्रिंसिपल को बदल दिया जाएगा।
