जालंधर: पंजाब सरकार द्वारा नशे के खात्मे के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत शहर के वार्ड नंबर 35 स्थित बूटा पिंड में एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एडीसीपी सिटी-1 माधवी शर्मा और ज़िला समन्वयक शैंकी भगत के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय निवासियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए एडीसीपी माधवी शर्मा ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन नशे के पूर्ण उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित है और सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर गंभीर व ठोस प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस एक ओर जहाँ लोगों में जागरूकता बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई भी अमल में ला रही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आम जनता की सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी मुहिम पूरी तरह सफल नहीं हो सकती, इसलिए लोग आगे आकर इस अभियान को एक बड़ा जन-आंदोलन बनाएं। साथ ही, उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि नशे से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। वहीं, सेमिनार को संबोधित करते हुए ज़िला समन्वयक शैंकी भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है। उन्होंने युवाओं को नशे के चंगुल से दूर रखने के लिए राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और पीड़ितों के पुनर्वास हेतु सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर रोशनी डालते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों की ओर प्रेरित करें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित स्थानीय लोगों ने सरकार, प्रशासन और पुलिस के इन प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इस मुहिम को सफल बनाने के लिए अपने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

