परगट सिंह की ताजपोशी में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन : चन्नी-वड़िंग समेत दिग्गज नेता एक मंच पर, 2027 चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश

चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में परगट सिंह की ताजपोशी का कार्यक्रम हुआ।
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चंडीगढ़– पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच रविवार (11 अक्टूबर) को पार्टी ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेता एक मंच पर पहुंचे।

चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा मौजूद रहे।

चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में परगट सिंह की ताजपोशी का कार्यक्रम हुआ। - Dainik Bhaskar

पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर परगट सिंह की नियुक्ति के बाद इस समारोह को पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से नेतृत्व में बदलाव, संगठन में जिम्मेदारियों के बंटवारे और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर चर्चाएं होती रही हैं।

ऐसे में पार्टी के प्रमुख नेताओं का एक मंच पर जुटना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस के सामने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती है। समारोह के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सभी वरिष्ठ नेता संगठन को मजबूत करने के लिए साथ हैं।

पदभार संभालने से पहले परगट सिंह पत्नी बरिंदर प्रीत कौर के साथ खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब के केसगढ़ साहिब गुरुद्वारे में नतमस्तक हुए। उन्होंने पंजाब की खुशहाली, शांति और सर्वजन के कल्याण के लिए अरदास की।

परगट सिंह पत्नी बरिंदर प्रीत कौर के साथ श्री आनंदपुर साहिब के केसगढ़ साहिब गुरुद्वारे में नतमस्तक हुए।
परगट सिंह पत्नी बरिंदर प्रीत कौर के साथ श्री आनंदपुर साहिब के केसगढ़ साहिब गुरुद्वारे में नतमस्तक हुए।

ताजपोशी के दौरान परगट ने ये अहम बातें कहीं…

  • लोगों के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए: पद संभालने के साथ परगट सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- आज मैं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाल रहा हूं। पंजाब के किसानों ने देश का पेट भरा है। हमारी कोशिश है कि उन किसानों को संघर्ष न करना पड़े, खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिले, व्यापारियों को असुरक्षित माहौल न मिले, बच्चे के मामलों में इंसाफ मिलना चाहिए। इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। पंजाब को कर्ज नशा से मुक्त करने की जरूरत है।
  • झाड़ू वालों ने पंजाब को बदनाम किया: परगट सिंह बोले- जो सिसोदिया (मनीष सिसोदिया) ने कहा था न कि जो करना है करो, पंजाबी नफरत की राजनीति को पसंद नहीं करते। पंजाबी तो गुरुओं के सिद्धांतों पर चलता है। मैं इस मंच से नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री) और अमित शाह (गृह मंत्री) को बोलना चाहता हूं कि न खेलो हमारे साथ, हमें पंजाब को आगे लेकर जाना है। पंजाब ने देश को पहचान दी है, लेकिन झाड़ू वालों ने बदनाम किया।
  • AAP टीम की दीवार टूटने वाली है: उन्होंने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को कहा, ‘मैं उनके साथ काम कर चुका हूं। जनता के लिए काम करो, किसी का नौकर बनकर काम नहीं करना चाहिए। मेहनत से काम करना चाहिए।’ परगट सिंह ने CM भगवंत मान से कहा- तुम हमारी टीम की फिक्र मत करो, अपनी टीम की फिक्र करो। तुम्हारी टीम रेत की तरह है। ईंट निकलने लगी है। कुछ देर बाद वह दीवार भी टूट जाएगी।
  • हमारे पास तजुर्बेदार लोग: परगट बोले- मैं राहुल गांधी से 10 मिनट मिला था। तजुर्बेदार लोग ही पंजाब को जीत सकते हैं और वह हमारे पास हैं। आम आदमी पार्टी के पास कुछ नहीं है। चरणजीत चन्नी ऐसी टीम बनाते हैं कि दूसरे को झांकने तक नहीं देते। रही बात राणा गुरजीत की तो मुझे नहीं लगता यह किसी को छोड़ते हैं।
  • हमारा किसी से कंपटीशन नहीं: परगट सिंह बोले- हमारा कंपटीशन किसी के साथ नहीं है। हमारी लड़ाई नफरत फैलाने वालों से है। हमारे लीडर राहुल गांधी बब्बर शेर की तरह हैं। जो मोदी की सरकार है, वह अमेरिका के सामने भी सरेंडर हो गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते सचिन पायलट। साथ में चरणजीत सिंह चिन्नी (बाएं) और परगट सिंह (दाएं)।
कार्यक्रम को संबोधित करते सचिन पायलट। साथ में चरणजीत सिंह चिन्नी (बाएं) और परगट सिंह (दाएं)।

सांसदों को टिकट मिलना मुश्किल

पंजाब कांग्रेस में मची CM चेहरे की लड़ाई के बीच हाईकमान ने सांसदों को झटका दिया है। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक कोई भी सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा। इससे सीधे तौर पर चरणजीत चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा को बड़ा झटका लगा है।

कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक देश के मौजूदा हालात के हिसाब से हाईकमान नहीं चाहता कि वह लोकसभा के उपचुनाव के चक्कर में पड़ें। इस वजह से सभी सांसदों को ये मैसेज करा दिया गया है कि वह सीएम कुर्सी का चक्कर छोड़कर पार्टी के प्रचार पर ध्यान दें। इससे इन नेताओं के सीएम पद की दौड़ फिलहाल यहीं खत्म होती नजर आ रही है।

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