घटना के समय वैन के पीछे आ रहे युवक दीपू दौधी के अनुसार, आगे चल रही वैन अचानक असंतुलित होकर खेत में गिर गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर वह तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास के ग्रामीणों की मदद से बच्चों को वैन से बाहर निकाला। हादसे में वैन चालक का हाथ गाड़ी के नीचे फंस गया था, जिसे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।

कब्जे के कारण आधी रह गई सड़क की चौड़ाई
गांव चक्क सुखेरा के सरपंच खैरा सिंह ने बताया कि किसानों द्वारा खेतों से लगती सड़क की पटरियों (बरमों) को काटकर अपने खेतों में मिला लिया गया है। इस वजह से जब भी कोई वाहन सामने से आने वाली गाड़ी को साइड देने की कोशिश करता है, तो हादसों का शिकार हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लिंक रोड कागजों में करीब 22 फीट चौड़ी दर्ज है, लेकिन अतिक्रमण और पटरियों के गायब होने के कारण धरातल पर इसकी चौड़ाई महज 11 फीट ही रह गई है।
प्रशासन से पक्की पटरियाँ बनाने की मांग
इलाके के निवासियों ने स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि कागजों में दर्ज सड़क की वास्तविक चौड़ाई को बहाल किया जाए और सड़क के दोनों ओर तुरंत पक्की पटरियां (बरमा) बनाई जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार के हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके।

