मनजीत कौर को चंडीगढ़ से किडनैप किया गया था। इसके बाद उसकी हत्या कर रोपड़ में जला दिया गया। उस वक्त मनजीत कौर 3 महीने की प्रेग्नेंट थी। वह करीब 2 महीने तक अस्पताल में भर्ती रही थी, जिसके बाद उसकी मौत हुई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी परमिंदर उर्फ पिंदा को गिरफ्तार किया था, जो रिमांड पर है। उसने भी पूछताछ में खुलासा किया था कि मनजीत कौर की हत्या पंजाब के मोरिंडा में नहीं बल्कि चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में हुई थी। मामले का मुख्य आरोपी रिंकू है।
जिसके साथ मनजीत रिलेशन में थी। मनजीत का उसी से विवाद चल रहा था। हत्या से पहले दोनों के बीच बहस और मारपीट हुई थी। गिरफ्तार आरोपी पिंदा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने केवल रिंकू का साथ दिया था। मनजीत मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली थी। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी।

मनजीत कौर की हत्या का मामला सामने कैसे आया?
26 अगस्त को मौत, इसके बाद पता चला
मनजीत कौर की 26 अगस्त को इलाज के दौरान PGI चंडीगढ़ में मौत हो गई। उनकी मौत के बाद मां कांता देवी ने बेटी के साथ हुई घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मां के मुताबिक, 3 जुलाई की रात मंजीत को उसके परिचितों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में बुलाया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिवार को बाद में पता चला कि मनजीत गंभीर रूप से झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती है।
मां ने बताया- बेटी को ले जाकर आग लगा दी
कांता देवी का आरोप है कि मनजीत को सेक्टर-34 से कार में ले जाया गया। बाद में उसे मोरिंडा के पास एक सुनसान जगह पर ले जाकर मारपीट की गई। मां के मुताबिक, मंजीत को पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। इस दौरान मंजीत की एक दोस्त मौके पर पहुंची। उसने आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसी मंजीत को अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण बाद में मंजीत को PGI, चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया।
होश में आईं तो मां ने कहा- बेटी बयान देना चाहती थी
परिवार के मुताबिक, इलाज के दौरान 5 अगस्त को मंजीत ने होश में आना शुरू किया। मां का कहना था कि बेटी घटना के बारे में बताने और अपना बयान देने की स्थिति में थी। कांता देवी के मुताबिक, उन्होंने खरड़ पुलिस को इसकी जानकारी भी दी थी। उनका आरोप था कि मंजीत के होश में आने के बावजूद उसका बयान दर्ज नहीं किया गया।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मनजीत कौर की मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर दिया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी कि मनजीत कौर के साथ 3 जुलाई की रात क्या हुआ। उसे किस गाड़ी में ले जाया गया, हत्या कहां हुई, उसे कहां जलाया गया?। जांच में CCTV फुटेज का भी सहारा लिया गया, हालांकि तब तक कई अहम फुटेज ओवरराइट हो चुके थे।

एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच में नया मोड़ आया
10 सितंबर को पहली बड़ी गिरफ्तारी
मंजीत कौर की मौत के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने 10 सितंबर को पहली बड़ी गिरफ्तारी की। पुलिस ने कपूरथला के रहने वाले परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा को सेक्टर-48 की मोटर मार्केट से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, पिंदा इस मामले में मुख्य आरोपी रिंकू का सहयोगी है।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। अदालत से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस ने 3 और 4 जुलाई की रात की घटनाओं, मंजीत के साथ आरोपी की गतिविधियों और रिंकू के साथ उसके संपर्क को लेकर पूछताछ की।
रिंकू से बहस के बाद मनजीत से हाथापाई
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा ने कथित तौर पर बताया कि घटना से पहले रिंकू और मनजीत कौर के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद दोनों सेक्टर-34 पहुंचे, जहां विवाद और बढ़ गया। यहां दोनों के बीच हाथापाई हुई। इसके बाद मनजीत को कार में बैठाकर सेक्टर-34 के एक पार्क के पीछे ले जाया गया। पिंदा के कथित बयान के मुताबिक, वहां मनजीत के साथ मारपीट की गई और इसके बाद उसे जलाया गया।
पहले मोरिंडा की बात, अब सेक्टर-34 पर फोकस
जांच की शुरुआत में यह सामने आया था कि मनजीत को सेक्टर-34 से अगवा करने के बाद मोरिंडा ले जाया गया, जहां उसे पेड़ से बांधकर तेल डालकर जलाने का आरोप था। अब पूछताछ से मिले नए सुरागों के बाद पुलिस इस घटनाक्रम की दोबारा जांच कर रही है। नए एंगल में सेक्टर-34 को ही वारदात की अहम जगह माना जा रहा है। इसके बाद मनजीत को इलाज के लिए पंजाब के एक निजी अस्पताल ले जाने और गंभीर हालत में आगे PGI चंडीगढ़ पहुंचाने की बात सामने आई है।

मां के शक से ऐसे आगे बढ़ी जांच
मां ने रिंकू-पिंदा पर जताया था शक
मनजीत की मां ने शुरुआत से ही रिंकू और परमिंदर सिंह उर्फ पिंदा पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने 3 जुलाई की रात से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी सबूतों से पिंदा की मौजूदगी को लेकर सुराग मिले। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अस्पताल में इलाज के दौरान शक के दायरे में आए लोग मनजीत के आसपास आते-जाते रहे थे।
पिंदा से पूछताछ के बाद रिंकू और शुभी की तलाश
पिंदा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब फरार रिंकू और शुभी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। सेक्टर-34 थाना प्रभारी शादीलाल के मुताबिक, पिंदा से पूछताछ के आधार पर दोनों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब आरोपियों के बयानों के साथ कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन, CCTV और दूसरे तकनीकी सबूतों को मिला रही है, ताकि 3 जुलाई की रात की घटनाओं का पूरा क्रम स्पष्ट हो सके।
फॉर्च्यूनर के बाद स्विफ्ट की तलाश
जांच में गाड़ी भी अहम कड़ी बन गई है। पुलिस अब सफेद रंग की स्विफ्ट कार की तलाश और उसके मूवमेंट की जांच कर रही है। शुरुआत में जिस फॉर्च्यूनर को लेकर संदेह जताया जा रहा था, पुलिस की मौजूदा जांच में उसे घटना में इस्तेमाल गाड़ी नहीं माना जा रहा है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 3 जुलाई की रात मनजीत किस गाड़ी में ले जाया गया और उसकी उस रात की लोकेशन क्या थी।

कौन थीं मनजीत कौर, जिसे जलाकर हत्या की
मेकअप आर्टिस्ट से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनी
मनजीत कौर 28 साल की पंजाबी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट थीं। सोशल मीडिया पर वह मेकअप, लाइफस्टाइल, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और पंजाबी-हरियाणवी गानों पर बनाए गए वीडियो और रील्स शेयर करती थीं। उनके वीडियो में मेकअप से जुड़े कंटेंट के साथ-साथ म्यूजिक और प्रमोशनल पोस्ट भी शामिल थे।
इंस्टाग्राम पर 1.46 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
मनजीत की सोशल मीडिया पर अच्छी-खासी पहचान बन चुकी थी। इंस्टाग्राम पर उनके करीब 1.46 लाख फॉलोअर्स थे, जबकि यूट्यूब पर करीब 4 हजार सब्सक्राइबर बताए गए हैं। वह नियमित तौर पर रील्स और वीडियो पोस्ट करती थीं और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के प्रमोशन से जुड़े कंटेंट भी उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर आते थे।
हरियाणा की रहने वाली थीं, खरड़ में रह रही थीं
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, मनजीत मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली थीं, लेकिन बाद में वह खरड़ में किराए के मकान में रह रही थीं। उनका सोशल मीडिया काम भी इसी इलाके से जुड़ा हुआ था।

