परिवार ने इसे नशे के ओवरडोज से मौत बताया और लाश को झोटा के इंसाफ के लिए लगे धरने में ले आए। यहां पुलिस ने उनसे लाश छीन ली। इसको लेकर यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प भी हुई। अब परिवार का आरोप है कि पुलिस उन पर जबरदस्ती पोस्टमॉर्टम करवाने का दबाव डाल रही है। दलजीत की लाश बठिंडा एम्स में रखी गई है। वहीं झोटा का 14 दिन बीतने के बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। उनके पिता भीम सिंह ने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग इंसाफ कमेटी के धरने में मानसा पहुंचे।
बुधवार को मानसा में सबूत जुटाने जा रही पुलिस की फॉरेंसिक विंग की गाड़ी को लोगों ने घेर लिया। इसके बाद उसे आगे जाने से रोक दिया गया। फरीदकोट से मानसा आ रहे किसानों को पुलिस ने जैतो में हिरासत में ले लिया। सांसद अमृतपाल की मां बलविंदर कौर ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मानसा जाने से रोकने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया है।
वहीं श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देश पर पंजाब के सभी गुरुद्वारों में झोटा के लिए अरदास हो रही है। भारतीय किसान यूनियन एकता-उगराहां पूरे पंजाब में पुलिस थानों के बाहर धरने दे रही है। भारतीय किसान यूनियन सिद्धुपुर के वर्कर मानसा में झोटा इंसाफ कमेटी के धरने में पहुंच रहे हैं। यहां पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


