इन पुलिसकर्मियों में थाना-11 के SI बचित्तर सिंह, लेडी कांस्टेबल सुमन, पुलिस पोस्ट लेक पर तैनात सीनियर कांस्टेबल रॉबिन, थाना-3 की लेडी कांस्टेबल दीक्षा और थाना आईटी पार्क की सीनियर लेडी कांस्टेबल जसपाल कौर शामिल हैं। अब ये पुलिस लाइन सेक्टर-26 में हाजिरी लगाएंगे। चंडीगढ़ के एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह ने इन्हें सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। जांच में सामने आया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए नाकों पर जांच के दौरान ड्यूटी में इन्होंने लापरवाही की, जिससे फायरिंग के आरोपी भागने में कामयाब रहे।
एसएसपी की ओर से जारी आदेश

फिरोजपुर के शख्स ने दी थी सुपारी
इधर, पुलिस जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ में शूटर्स का टारगेट सेक्टर-11 में श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकीदास नहीं, बल्कि इसी सेक्टर का एक बड़ा केमिस्ट था। शूटर्स को उस केमिस्ट को मारने की सुपारी फिरोजपुर के एक शख्स ने दी थी। फायरिंग के बाद गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने वॉयस मैसेज जारी करते हुए कुमार ब्रदर्स का नाम लिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह साफ हो गया है कि टारगेट जानकीदास नहीं थे। दोनों शूटर कुमार नाम के चक्कर में उलझ गए और श्री कुमार केमिस्ट में बैठे जानकीदास को टारगेट समझकर गोलियां मार दीं। सेक्टर-11 में कुमार नाम से जुड़ी 6 मेडिकल शॉप हैं।
इसके अलावा शूटर्स का कनेक्शन मोहाली के खरड़ से भी निकला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपी पहले भी कई बार खरड़ आते-जाते रहे हैं और वहां उनका एक जानकार व्यक्ति मौजूद है। हालांकि, इस बार वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने उससे कोई संपर्क नहीं किया। आरोपी हत्या के बाद बस से रात में ही दिल्ली गए और वहां से ट्रेन के जरिए जम्मू पहुंचे, ताकि उन पर किसी प्रकार का संदेह न हो।
13 जून को दोपहर को हुए इस मर्डर के बाद तीन टीमें जांच में जुटी हैं, जिनमें क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर व सीनियर ऑफिसर शामिल हैं। टीमें दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा में डेरा डाले बैठी हैं। आरोपियों में शूटर आदिल, सन्नी मेहरा और राहुल चौहान के नाम सामने आए। शूटर अभी गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन उनके संपर्क में रहने वाले तीन संदिग्धों अजय कुमार, ओमकार और विवेक मेहरा को जम्मू के सांबा से हिरासत में लिया गया है।
शूटरों को लगातार अपडेट दे रहा था साथी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर में कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या के बाद दो शूटर और उनका एक साथी कजहेड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने एक दुकान से कपड़े खरीदकर बदले। इसके बाद वे कुछ समय तक इलाके में रुके और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रात करीब 10 बजे वे दिल्ली के कश्मीरी गेट पहुंचे। वहां से पैदल एक होटल में गए, लेकिन कुछ देर बाद अपना सामान लेकर होटल छोड़ दिया और दूसरी जगह ठहर गए। सूत्रों के अनुसार, शूटरों को एक युवक लगातार सोशल मीडिया पर चल रही खबरों की जानकारी दे रहा था। बताया जा रहा है कि यह युवक आरोपी राहुल का दोस्त है और वारदात के बाद आरोपियों को अपडेट उपलब्ध कराता रहा।
तीनों पकड़े गए संदिग्ध शूटरों के संपर्क में थे
तीन पकड़े गए संदिग्धों में अजय प्लंबर है, जबकि ओमकार ऑटो चालक है। ओमकार का नाम पहले भी कठुआ जिले के राजबाग क्षेत्र में दर्ज एक हत्या के मामले में सामने आ चुका है। विवेक मेहरा फिलहाल सांबा के चकमंगा गांव में अपने मामा के घर रह रहा था और मीट की रेहड़ी लगाता था। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से की गई। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्तौल भी बरामद की है।
जांच में सामने आया है कि इन तीनों युवकों और शूटरों की हत्या को अंजाम देने वालों से फोन पर बातचीत हुई थी और वारदात से पहले तथा बाद में भी वे लगातार संपर्क में थे।
एक शूटर पर जम्मू-कश्मीर में पहले से केस दर्ज
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि आरोपी दिल्ली से ट्रेन के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंचे, ताकि उन पर किसी प्रकार का संदेह न हो। सन्नी मेहरा के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्टों में सन्नी मेहरा की गिरफ्तारी का दावा किया गया है, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वारदात के बाद चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर के 7 से 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई और उनका नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि चंडीगढ़ में हुई कई बड़ी वारदातों के आरोपियों ने पहले कजहेड़ी क्षेत्र के होटलों में ठहराव किया था। इसी को देखते हुए पुलिस ने होटल संचालकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के गेस्ट हाउस मालिकों को निर्देश दिए हैं कि जम्मू-कश्मीर या अन्य दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले संदिग्ध लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
गिरफ्तारी के लिए AGTF कर रही छापेमारी
सूत्रों के अनुसार पंजाब AGTF ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह वारदात में शामिल आरोपी है या आरोपियों की मदद करने वाला कोई सहयोगी। फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब AGTF की टीमें आरोपियों के काफी करीब पहुंच चुकी हैं।
जांच एजेंसियों का दावा है कि फायरिंग और हत्या की इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, घटना के बाद चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने शहर में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई है और प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
