उन्होंने बताया कि 22 जून को पुलिस को सूचना मिली थी कि अमनदीप सिंह पुत्र गुलजार सिंह निवासी सुल्तानपुर लोधी अवैध हथियारों के साथ गाजीपुर रोड पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से .30 बोर और .32 बोर की दो पिस्टल, दो मैगजीन तथा 10 कारतूस बरामद हुए।
इसके बाद उसके खिलाफ थाना सुल्तानपुर लोधी में मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ के दौरान अमनदीप सिंह ने खुलासा किया कि उसका साथी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी बहराम, जिला शहीद भगत सिंह नगर, भी इस मामले में शामिल है।

आरोपी ने वारदात की बात कबूली
उसने यह भी स्वीकार किया कि दोनों ने जालंधर की मकसूदा सब्जी मंडी में हुई फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें सोनू पुरी के पैर में गोली लगी थी। खुलासे के बाद पुलिस ने गुरप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
रिमांड के दौरान गुरप्रीत की निशानदेही पर 100 ग्राम हेरोइन, 20 ग्राम आइस और .32 बोर के पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। एसपी (डी) हरिंदर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी पहले भी हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में जेल जा चुके हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों गैंगस्टर सोनू खत्री के करीबी सहयोगी हैं। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों की पहचान के लिए गहन जांच कर रही है।
