बारिश के दिनों में यहां हाईवे और सर्विस रोड पर छह इंच से लेकर एक फीट तक पानी भर जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए सांसद की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ बैठक हुई थी, जिसमें दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार किए गए थे।
विधायक ने बताया कि हाईवे पर पानी की निकासी के लिए 36 करोड़ रुपए का ड्रेनेज प्रोजेक्ट बनाया गया था। इसके साथ ही सर्विस रोड और मेन रोड की री-लाइनिंग कर सीमेंटेड सड़क बनाने की योजना थी। ड्रेनेज सिस्टम के लिए एक सब स्टेशन बनाया जाना था, जिसकी देखरेख बाद में नगर निगम को सौंपी जानी थी।
इसके लिए 4 स्थान भी चिन्हित किए गए थे, लेकिन मेयर के साथ तीन बार बैठक होने के बावजूद नगर निगम द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। जमीन न मिलने के कारण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने 36 करोड़ रुपए का यह प्रोजेक्ट रद्द कर दिया।

36 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट से अटकी 144 करोड़ की सड़क
बावा हैनरी ने सदन में चिंता जताते हुए कहा कि सड़क के पुननिर्माण के लिए 144 करोड़ रुपए का टेंडर अलॉट हो चुका है। अगर 36 करोड़ रुपए का ड्रेनेज प्रोजेक्ट शुरू नहीं होता है, तो बारिश का पानी जमा होने से 144 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली नई सड़क भी पूरी तरह खराब हो जाएगी।
उन्होंने स्थानीय निकाय मंत्री से अपील की कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और नगर निगम से जमीन दिलाकर ड्रेनेज प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करवाएं ताकि जनता को इस बड़ी समस्या से राहत मिल सके।

