नए नियम के मुताबिक, 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी 36 पन्नों वाला साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से 5 साल तक या बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।
बच्चों के पासपोर्ट को लेकर क्या बदला?
नए नियम कब से लागू हुए?
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संशोधित नियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू हो गए हैं। नए नियमों के जरिए Passport Rules, 1980 में बदलाव किया गया है।
15 सितंबर की अधिसूचना में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से जुड़े नियम 8 में भी संशोधन किया गया है। इसमें कहा गया है कि अलग-अलग श्रेणी के आवेदन के लिए देय शुल्क पासपोर्ट नियमों की Schedule IV में निर्धारित राशि के अनुसार होगा।
पासपोर्ट बनवाना भी हुआ महंगा
बच्चों के पासपोर्ट की वैधता में बदलाव के साथ पासपोर्ट सेवाओं के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई से पासपोर्ट सेवाओं की फीस बढ़ाई थी। बढ़ी हुई फीस नए पासपोर्ट आवेदन, री-इश्यू, तत्काल सेवा, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) समेत अन्य सेवाओं पर लागू है।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को मिलती रहेगी छूट
वयस्कों के सामान्य पासपोर्ट की फीस
तत्काल पासपोर्ट की फीस में भी बढ़ोतरी
तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट का शुल्क 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए तत्काल शुल्क 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया है। 60 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट को तत्काल श्रेणी में रिप्लेस कराने की फीस भी 5,500 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये कर दी गई है।
18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी सेवाएं महंगी
पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं की बढ़ी हुई फीस का असर नाबालिग आवेदकों पर भी पड़ा है। हालांकि, 8 साल से कम उम्र के बच्चों के नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 फीसदी की छूट जारी है। ऐसे में बच्चों का पासपोर्ट बनवाने या दोबारा जारी कराने वाले अभिभावकों को आवेदन से पहले संबंधित श्रेणी की मौजूदा फीस और नियमों की जांच कर लेनी चाहिए।
