राहुल गांधी ने मानसून सत्र में CJP के संसद मार्च के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा था। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि पुलिस ने गोली नहीं चलाई। नीट पेपर लीक के खिलाफ CJP का 20 जून से जंतर-मंतर प्रदर्शन शुरू हुआ था। सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी। 20 जुलाई के संसद मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई थी। 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
घटना से जुड़ी तस्वीरें…





राहुल बोले- 2 बार FIR नहीं हुई, पुलिस बोली- सभी मामलों की जांच क्राइम ब्रांच कर रही
राहुल गांधी का पक्ष
राहुल गांधी का आरोप है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन में साहिल पैलेट गन से घायल हुए। 14 अगस्त को उन्होंने दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। लेकिन उन्हें शिकायत की रिसीव नहीं दी गई। 17 अगस्त को ईमेल और फोन से भी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल के साथ DCP कार्यालय पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग की। पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिकायत पीड़ित ने खुद दी है। 20 जुलाई को दर्ज सभी मामलों की जांच पहले से क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस ने शिकायतकर्ता को बताया है कि उसकी शिकायत भी क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी। नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा राहुल गांधी के लगातार संपर्क में हैं।
29 जुलाई: राहुल ने संसद में कहा था- गृहमंत्री ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया
राहुल ने संसद में अपनी स्पीच में आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गृहमंत्री ने गोली और पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे गंभीर और निराधार आरोप बताते हुए राहुल से माफी की मांग की। राहुल ने ये भी कहा, ‘मैंने कई छात्रों से बातचीत की। खासकर लवली नाम की एक 18 साल की छात्रा से। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला देते हुए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ वाले उदाहरण दिए। सत्ता पक्ष ने इसे असंसदीय बताया। स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।
