अमृतसर- अमृतसर में एक एएसआई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। थाना गेट हकीमां में तैनात एएसआई हरजीत सिंह गुरुवार रात करीब 2:30 बजे दाना मंडी के पास मोटरसाइकिल पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर गोलियां चला दीं।
गोली लगने से एएसआई हरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अमृतसर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
घटना की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नाम के संगठन ने ली है। हालांकि, अभी इसकी पुष्टि पुलिस ने नहीं की।
उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एएसआई की हत्या पर दुख जताया और परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- अमृतसर में अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहादत पाने वाले सहायक थानेदार हरजीत सिंह जी की बहादुरी को दिल से सलाम। उनकी अदम्य हिम्मत और ड्यूटी के प्रति पूर्ण समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
एएसआई हरजीत सिंह का शव।
शहीद के परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी सरकार
सीएम मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार दुख की इस घड़ी में शहीद के परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। सम्मान स्वरूप सरकार की ओर से 1 करोड़ रुपए की एक्स-ग्रेशिया राशि और HDFC बैंक की ओर से 1 करोड़ रुपए का चेक शहीद के परिवार को दिया जाएगा।
हर संभव मदद के लिए पूरी तरह वचनबद्ध
हम अपने शहीदों और उनके परिवारों की हर संभव मदद के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं। उनकी यह महान कुर्बानी हमें अपनी ड्यूटी बहादुरी और ईमानदारी के साथ निभाने की प्रेरणा देती रहेगी।
परिवार को ₹1 करोड़ देगी पंजाब सरकार
वहीं, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जिला अमृतसर के बहादुर पुलिस अधिकारी ASI हरजीत सिंह ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पंजाब पुलिस इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
वारदात से जुड़े सबूत जुटाने शुरू
उधर, पुलिस का कहना है कि हमने आसपास इलाके की तलाशी ली और वारदात से जुड़े सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। हमलावरों की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज भी देखी जा रही है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। अज्ञात हमलावरों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।

