होशियारपुर – होशियारपुर में 9 साल के बच्चे की कुकर्म के बाद हत्या के मामले में आज अदालत ने दोषी नानक यादव को फांसी की सजा सुनाई। फैसले के बाद बच्चे के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए राहत महसूस की है, वहीं परिवार ने मांग रखी है कि दोषी को फांसी दिए जाते समय उन्हें भी मौके पर मौजूद रहने की अनुमति दी जाए।
सुरक्षा कारणों और खतरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दोषी को उसके जुर्म और मिली सजा की जानकारी दी। मामला एक साल पहले का है।
पीड़ित पक्ष के वकील एडवोकेट अश्वनी कुमार वर्मा ने बताया कि वे और पीड़ित परिवार पहले दिन से ही आरोपी के लिए केवल मृत्युदंड की मांग कर रहे थे। अश्वनी कुमार वर्मा ने बिना फीस लिए मामले की मजबूत पैरवी की।

बच्चे का परिवार भावुक नजर आया
फैसले के बाद मासूम का परिवार बेहद भावुक नजर आया। परिजनों ने कहा कि एडवोकेट वर्मा ने बिना एक रुपया लिए और अपने निजी खर्च पर यह पूरी लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि जब दोषी को फांसी पर लटकाया जाएगा, तभी उनके मासूम बच्चे की आत्मा को सच्ची शांति मिलेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता ने फैसले का किया स्वागत
सामाजिक कार्यकर्ता ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस न्याय से जनता का अदालत पर विश्वास और मजबूत हुआ है। अब पीड़ित परिवार और पूरे इलाके की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत के आदेश के तहत दोषी नानक यादव को फांसी के फंदे पर कब लटकाया जाता है।
