नोटिस में चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी नहीं होने पर मजीठिया के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और मानहानि के लिए हर्जाने का मुकदमा दायर किया जाएगा। 27 अक्टूबर, 2026 को जारी कानूनी नोटिस के अनुसार, मजीठिया ने 26 अक्टूबर को अपने सत्यापित एक्स हैंडल से एक पोस्ट साझा की थी। इसमें घुम्मन का नाम लेते हुए उन्हें कथित ड्रग्स नेटवर्क और नशा मुक्ति केंद्रों से जुड़े मामलों से जोड़ा गया था।
जानिए सिलसिलेवार पूरा मामला…
करीबियों से भी हो चुकी पूछताछ: मामले में घुम्मन के करीबी माने जाने वाले नितिन गोहल और बीर दविंदर सिंह से भी सीबीआई पूछताछ कर चुकी है। दोनों से करीब 10 घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। पूछताछ के बाद बीर दविंदर सिंह ने कहा था कि उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के संबंध में जवाब दे दिए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद जताई थी।
5 अक्टूबर को दर्ज हुई थी एफआईआर: हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 5 अक्टूबर को भ्रष्टाचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर दविंदर सिंह, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई इस मामले में पंजाब सरकार के 15 से अधिक विभागों की फाइलों और 22 से ज्यादा अधिकारियों के तबादलों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। ईडी ने भी 13 अक्टूबर को जालंधर में मामला दर्ज किया था।
गिरफ्तारी पर लगी है अंतरिम रोक: एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने घुम्मन को पेश होने के लिए समन जारी किए थे। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से घुम्मन जांच में शामिल हो रहे हैं।

