नशे और संगठित अपराध पर जालंधर पुलिस का बड़ा प्रहार: 7 महीनों में 1,201 NDPS मामले दर्ज, 1,440 तस्कर गिरफ्तार और 51 अवैध पिस्तौलें बरामद

शब्द (SHABD), चंडीगढ़/जालंधर, 07 अगस्त: पंजाब सरकार के सूचना एवं लोक संपर्क विभाग (DIPR) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने संगठित अपराध और नशीले पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पंजाब पुलिस के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरों ते वार’ अभियानों के तहत जालंधर पुलिस ने पिछले सात महीनों में NDPS एक्ट के तहत 1,201 मामले दर्ज कर 1,440 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने 16.810 किलोग्राम हेरोइन, 9.274 किलोग्राम अफीम, 119 ग्राम आइस, 24.624 किलोग्राम गांजा, 33.750 किलोग्राम पोस्त, 20 ग्राम कोकीन, 15.200 किलोग्राम चरस, 3,130 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 11,17,900 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। इसके अलावा, अवैध हथियारों की तस्करी पर नकेल कसते हुए 51 अवैध पिस्तौल और 133 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। शहर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए 45 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) और 14 मोटरसाइकिल गश्त इकाइयां तैनात की गई हैं।

पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव और पुलिस आयुक्त (CP) सतिंदर सिंह ने बताया कि आधुनिक तकनीक जैसे पंजाब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS), इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) और डिजिटल फॉरेंसिक लैब के माध्यम से अपराधों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। इसी तकनीक और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने बीएसएफ (BSF) चौक ब्लास्ट केस और पाकिस्तान से जुड़े देश विरोधी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, नशे की मांग को कम करने और पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 1,300 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया है और 1,509 लोगों को OOAT केंद्रों में रेफर किया गया है। जालंधर पुलिस का यह एकीकृत मॉडल न केवल अपराधों को हल कर रहा है, बल्कि आपराधिक नेटवर्क के वित्तीय और लॉजिस्टिक आधार को पूरी तरह समाप्त कर रहा है।

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