दो कड़ियों में काम कर रहा था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि यह तस्करी नेटवर्क दो अलग-अलग कड़ियों में संचालित हो रहा था। जिसकी कमान अलग अलग हाथों में दी गई थी। पुलिस दोनों नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सुराग जुटा रही है।
जानिए नेटवर्क के बारे में
हथियार तस्करी: इस हिस्से को राजनप्रीत और विजय संभाल रहे थे। आरोपी विजय पहले भी हेरोइन मामले में पकड़ा जा चुका है और जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा इस अवैध धंधे में सक्रिय हो गया था।
नशा तस्करी: गैंगस्टर किशन जंडियाला के कथित मुख्य हैंडलर पारसदीप उर्फ बिल्ला को 10 किलो हेरोइन की खेप के साथ गिरफ्तार किया गया है।
भेष बदलकर ड्रोन की खेप उठाता था पारसदीप
जांच में खुलासा हुआ है कि पारसदीप भेष बदलकर और अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल कर ड्रोन से गिराई गई हेरोइन हासिल करता था। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह तरनतारन, सराय अमानत खां व आसपास के इलाकों से पहले भी 10 से 12 खेप उठा चुका था। इस काम में अटारी का पूर्व पंचायत सदस्य गुरमुख सिंह बोदी भी उसका साथ दे रहा था, जो फिलहाल दिहाड़ी मजदूरी करता है।
युवाओं को लालच देकर फंसाते थे विदेशी हैंडलर
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में ज्यादातर की उम्र 22 से 23 साल है। इनमें से कुछ राजमिस्त्री और प्लंबर का काम करते थे। विदेश में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जल्दी अमीर बनने का लालच देकर इस अपराध की दुनिया में धकेलते थे।
टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, वित्तीय जांच शुरू
आईजीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने दावा किया कि इन घातक हथियारों की समय रहते बरामदगी से किसी बड़ी आपराधिक वारदात और संभावित टारगेट किलिंग की साजिश को नाकाम कर दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों, संपत्तियों और फंडिंग स्रोतों का पर्दाफाश किया जा सके।

