पेंटाकोस्टल क्रिश्चियन प्रबंधक कमेटी (PCPC) के पदाधिकारियों और अन्य सदस्यों ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। उनके अनुसार, हिमाचल प्रदेश निवासी मदन ठाकुर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित तौर पर पवित्र ग्रंथ बाइबल के पन्ने फाड़कर जमीन पर फेंकता दिखाई दे रहा है।
आरोपियों ने किताब फाड़ी
आरोप है कि वहां मौजूद कुछ युवकों को एक धर्म प्रचारक ने पढ़ने और मानसिक शांति के लिए पवित्र ग्रंथ बाइबल दी थी। आरोपी ने उनके हाथों से किताब छीन ली, उसके पन्ने फाड़ दिए और प्रभु यीशु मसीह तथा पवित्र ग्रंथ के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
प्रशासन के सहयोग से दर्ज हुआ मामला
इस घटना के बाद पेंटाकोस्टल क्रिश्चियन प्रबंधक कमेटी (PCPC) और एंटी करप्शन विजिलेंस सेल की टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष पास्टर मनिंदर बाजवा, स्टीफन सिद्धू तथा अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश प्रशासन और शिमला पुलिस से संपर्क कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
मसीही समाज के विरोध और विभिन्न संगठनों की मांगों के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी मदन ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। संस्था के नेताओं के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गिरफ्तारी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
मसीही नेताओं का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म के प्रचार-प्रसार की आजादी देता है। किसी को भी किसी दूसरे धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उनके पवित्र ग्रंथों का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया, तो पंजाब और हिमाचल की टीमें मिलकर शिमला में बड़ा प्रदर्शन करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार और जालंधर पुलिस कमिश्नर से भी अपील की है कि ईसाई भाईचारे की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना न घटे।
