पंजाब में शुरू हुई ‘मेरी रसोई योजना’: 40 लाख परिवारों को मिलेगा सस्ता राशन ; 900 करोड़ का खर्च वहन करेगी सरकार

संगरूर–  पंजाब सरकार ने राज्य के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए ‘मेरी रसोई’ स्कीम लॉन्च की है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने आज इस नई कल्याणकारी योजना की शुरुआत की जानकारी दी। मंत्री कटारूचक्क ने बताया कि यह योजना उन लोगों के लिए ऐतिहासिक है जिनके पास राशन कार्ड हैं। इसका उद्देश्य राज्य के लगभग 40.48 लाख परिवारों को सीधा लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर जिले के भलवान गांव से ऐतिहासिक योजना को लॉन्च किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब परिवारों की रसोई का पूरा खर्च कम करना और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना है।

‘मेरी रसोई’ स्कीम के तहत लाभार्थियों को अब केवल गेहूं ही नहीं, बल्कि रसोई का अन्य आवश्यक सामान भी मिलेगा। योजना पर करीब 900 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका पूरा वहन पंजाब सरकार करेगी। जनता से इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। राशन सीधे लाभार्थियों के घरों तक पहुंचाया जाएगा।

कटारूचक्क ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा

इस दौरान मंत्री लाल चंद कटारूचक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के मंत्रियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी करवाकर बदला लेने की कोशिश कर रही है। मंत्री ने इसे किसान आंदोलन और तीन कृषि कानूनों की हार का परिणाम बताया, और कहा कि पंजाबी न डरेंगे और न ही   बिकेंगे।

​योजना की मुख्य बातें: ​किट में क्या-क्या मिलेगा? मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ आटा-दाल से रसोई पूरी नहीं   होती। इसलिए इस योजना के तहत एक राशन किट तैयार की गई है जिसमें 7 जरूरी चीजें शामिल हैं: ​सरसों का तेल: 1 लीटर ​दाल (मां-छोले): 2 किलो ​चीनी: 2 किलो ​नमक: 1 किलो ​हल्दी: 200 ग्राम ​कितने परिवारों को लाभ? पंजाब के लगभग 40 लाख 85 हजार परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। ​कब-कब मिलेगी किट? यह किट हर तीन महीने में एक बार दी जाएगी, यानी साल में कुल चार बार परिवारों को यह राशन किट मिलेगी। ​भाषण के अन्य प्रमुख बिंदु: ​बिजली और पानी: मान ने बताया कि पंजाब के 90% घरों का बिजली बिल जीरो आ रहा है। साथ ही, अब किसानों को खेती के लिए रात के बजाय दिन में बिजली दी जा रही है ताकि उन्हें रात को खेतों में परेशानी न हो। ​महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता: महिलाओं के लिए 1000 रुपये और दलित परिवारों की महिलाओं के लिए 1500 रुपये प्रति माह की योजना के कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि अगर कार्ड बनने में देरी भी होती है, तो भी पैसा पिछले महीनों के हिसाब से जोड़कर दिया जाएगा। ​नियमों में बदलाव

(बायोमेट्रिक की जरूरत नहीं): मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की कि अब राशन या अन्य योजनाओं के लिए अंगूठे के निशान (Fingerprints) की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मेहनत-मजदूरी करने वाली माताओं-बहनों और किसानों के हाथ घिस जाते हैं जिससे निशान मैच नहीं होते। अब सिर्फ फोटो मैच करके काम किया जाएगा। ​स्वास्थ्य सुविधा: ‘आयुष्मान भारत’ की तर्ज पर 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। ​बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून: उन्होंने बताया कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों के लिए अब उम्रकैद और भारी जुर्माने का कानून बना दिया गया है, ताकि कोई भी ऐसी हरकत करने की जुर्रत न करे। ​अंडरग्राउंड बिजली की तारें: खेतों और गाँवों में खंभों और ढीली तारों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ‘सतौज’ गांव से तारों को अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।

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