ड्रोन से आती थी खेप
डीजीपी के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेश में बैठे हैंडलरों और गैंगस्टरों के संपर्क में थे। ये विदेशी हैंडलर ड्रोन के जरिए अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भारत भेजते थे। इसके बाद आरोपियों के माध्यम से इन्हें आगे आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल लोगों को डराने और रंगदारी वसूलने के लिए करते थे। रंगदारी की मांग पूरी नहीं होने पर आरोपियों की ओर से लोगों के घरों और दुकानों पर फायरिंग की जाती थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन वारदातों में कौन-कौन लोग शामिल थे और हथियारों की सप्लाई कहां से की जा रही थी।
तीन थानों में FIR दर्ज, पुलिस कर रही आगे की जांच
इस मामले में अमृतसर के थाना रणजीत एवेन्यू, थाना छेहरटा और थाना सुल्तानविंड में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। हथियारों और नशे की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की पिछली और आगे की कड़ियों का पता लगाया जा रहा है।

