वहीं, अब महिलाओं के लिए रिजर्व होने वाले वार्डों का ड्रॉ होगा। इस बार वार्ड रिजर्वेशन को लेकर मौजूदा पार्षदों और राजनीतिक दलों की नजर ड्रॉ पर टिकी हुई है।
कई मौजूदा पार्षदों के लिए अपने वर्तमान वार्ड से दोबारा चुनाव लड़ने का रास्ता बंद हो सकता है, जबकि कुछ वार्डों का रिजर्वेशन बदलने से नए दावेदारों के लिए चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिलेगा। निगम के 35 वार्डों में 4 वार्ड एससी, 3 वार्ड एससी महिला, 9 वार्ड महिलाओं और 19 वार्ड जनरल कैटेगरी के लिए होंगे।
2021 MC के लिए रिजर्व वार्ड इस बार रोटेशन से बाहर
प्रशासन ने वार्ड रिजर्वेशन के लिए रोटेशन का फार्मूला तय किया है। इसके तहत वर्ष 2021 के नगर निगम चुनाव में एससी कैटेगरी के लिए रिजर्व रहे वार्ड इस बार दोबारा उसी कैटेगरी में रिजर्व नहीं होंगे। ऐसे वार्ड रोटेशन के आधार पर बाहर रहेंगे और अन्य वार्डों में एससी आबादी के प्रतिशत के आधार पर रिजर्वेशन किया जाएगा।
बाकी वार्डों में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिन क्षेत्रों में एससी आबादी का प्रतिशत अधिक है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसी आधार पर एससी और एससी महिला कैटेगरी के लिए वार्डों का चयन किया जाएगा।
19 जनरल वार्ड से हो सकते हैं रिजर्व
वर्तमान में नगर निगम के कई वार्ड जनरल कैटेगरी में हैं। रिजर्वेशन ड्रॉ के बाद इनमें से कुछ वार्ड एससी, एससी महिला या महिला कैटेगरी के लिए रिजर्व हो सकते हैं। ऐसे में मौजूदा पार्षदों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवार अभी तक अपने-अपने वार्डों में दावेदारी मजबूत करने में जुटे थे। ड्रॉ के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि किस वार्ड से कौन चुनाव लड़ सकता है।
भाजपा, कांग्रेस-आप के पार्षदों पर पड़ेगा असर
वार्ड रिजर्वेशन में बदलाव का असर भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों के मौजूदा पार्षदों पर पड़ सकता है। यदि किसी मौजूदा जनरल वार्ड को महिला या एससी कैटेगरी के लिए रिजर्व कर दिया जाता है तो वहां के मौजूदा पार्षद को दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की संभावना तलाशनी पड़ सकती है। वहीं, वर्तमान में महिला या एससी कैटेगरी के लिए रिजर्व वार्डों का दर्जा बदलकर जनरल होने पर वहां नए उम्मीदवारों की दावेदारी बढ़ सकती है।
महिलाओं के लिए रिजर्व 9 वार्ड भी रोटेशन में
नगर निगम में वर्तमान में महिलाओं के लिए रिजर्व 9 वार्ड भी रोटेशन प्रक्रिया में शामिल होंगे। ऐसे वार्ड इस बार महिला कैटेगरी से बाहर होकर जनरल या दूसरी रिजर्व कैटेगरी में जा सकते हैं। इससे महिला पार्षदों के सामने भी अपने पुराने वार्ड से दोबारा चुनाव लड़ने का सवाल खड़ा हो सकता है। वहीं, कुछ नए वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व होने के बाद वहां महिला उम्मीदवारों की दावेदारी शुरू हो जाएगी।
वर्तमान में एससी और एससी महिला कैटेगरी के लिए रिजर्व वार्डों में भी बदलाव होगा। रोटेशन के कारण ऐसे वार्डों का रिजर्वेशन बदलने की संभावना है। यदि ये वार्ड जनरल कैटेगरी में आते हैं तो वहां चुनाव लड़ने के लिए नए दावेदारों की संख्या बढ़ सकती है।
