चंडीगढ़– गैंगस्टर लॉरेंस इंटरव्यू मामले में निलंबित चल रहे पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने संधू की सेवा से बर्खास्तगी से संबंधित पंजाब सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों को रद्द कर दिया है।
2 जनवरी 2025 को किया गया था बर्खास्त
गृह विभाग के तत्कालीन सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह की ओर से दो जनवरी 2025 को जारी आदेश के तहत गुरशेर सिंह संधू को सेवा से बर्खास्त किया गया था। सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए कहा था कि लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने से पंजाब पुलिस विभाग की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। सरकार ने उनके कृत्य को कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता माना था।
पुलिस आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप
बर्खास्तगी के आदेश में सरकार ने कहा था कि DSP का यह कृत्य पुलिस आचरण नियमों का उल्लंघन था। सरकार के अनुसार, उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया और लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू से जुड़े मामले में गंभीर लापरवाही बरती। इसी आधार पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी।
जांच में सहयोग नहीं करने की बात कही थी
सरकार के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया था कि गुरशेर सिंह संधू ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की चार्जशीट लेने और जांच प्रक्रिया में शामिल होने के प्रयासों में सहयोग नहीं किया।सरकार ने इन परिस्थितियों को भी बर्खास्तगी की कार्रवाई में शामिल किया था।सरकार ने गुरशेर सिंह संधू को बर्खास्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया था। आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने की बात कही गई थी।
