जालंधर(अंकित भास्कर): बस स्टैंड के नजदीक ड्राइविंग ट्रैक स्थित लाइसेंस दफ्तर में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते काम करवाने पहुंचे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिना किसी पूर्व सूचना के दफ्तर पहुंचे आवेदकों को जब काम बंद होने की जानकारी मिली, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। छुट्टी लेकर 70 किलोमीटर दूर से लाइसेंस बनवाने आए लोगों और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस व हंगामा देखने को मिला। आक्रोशित जनता का आरोप था कि कर्मचारी खुद दफ्तर के अंदर एसी कमरों में बैठे हैं और बाहर लोगों को हड़ताल का हवाला देकर लौटा रहे हैं; लोगों का यह भी तर्क था कि अगर काम नहीं करना था तो दफ्तर को खुला क्यों रखा गया।
मामले को लेकर यूनियन के चेयरमैन जोरावर सिंह ने जनता को हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट किया और स्पष्ट किया कि 100 से अधिक यूनियनों के आह्वान पर यह राज्यव्यापी हड़ताल 21 अगस्त तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट की डबल बेंच के फैसले के तहत कर्मचारियों का बकाया डीए (Dearness Allowance) रिलीज करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, और आंगनवाड़ी व मिड-डे मील वर्करों के अधिकारों की मांगों को लेकर यह कदम उठाया गया है। प्रशासन द्वारा 27 तारीख को रखी गई मीटिंग को यूनियन ने बेअसर करार दिया और चेतावनी दी कि 22 तारीख को अगली बैठक कर आगामी रणनीति तय की जाएगी। तब तक लाइसेंस दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहने के आसार हैं।
