रवीश राज शर्मा ने लोगों से इस मुद्दे पर आगे आने और युवाओं का साथ देने की अपील की। उन्होंने साफ किया कि यह ‘न्याय सत्याग्रह’ किसी खास राजनीतिक पार्टी के बैनर तले नहीं चलाया जा रहा है। यह पूरी तरह से एक सामाजिक पहल है, जिसका एकमात्र मकसद देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार
युवा नेता ने कहा कि दिल्ली में छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर बेहद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन पर पुलिस बल का प्रयोग किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांति से रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है।
संवाद की जगह बल प्रयोग से टूटता है भरोसा
उन्होंने चेताया कि अगर सरकार और प्रशासन छात्रों की जायज मांगों को सुनने और बातचीत (संवाद) से हल निकालने के बजाय लाठियों और बल प्रयोग का सहारा लेंगे, तो इससे देश के युवाओं का हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली से भरोसा उठ जाएगा, जो देश के लिए बिल्कुल सही नहीं है।
रवीश राज शर्मा ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जब-जब देश के नौजवानों ने अपने अधिकारों और मुल्क के बेहतर भविष्य के लिए आवाज बुलंद की है, तब-तब समाज और देश में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।

