चर्चित ढिल्लो ब्रदर्स केस में पुलिसकर्मियों को राहत: कोर्ट ने कहा- आत्महत्या के लिए उकसावे का अपराध साबित नहीं; जालंधर के SHO इंस्पेक्टर नवदीप सिंह समेत 3 पुलिसकर्मी केस से बाहर

कपूरथला-  चर्चित ढिल्लो ब्रदर्स सुसाइड केस में कपूरथला की अतिरिक्त सेशन जज अदालत ने तीन पुलिस अधिकारियों को केस से डिस्चार्ज कर दिया है। अतिरिक्त सेशन जज गुरमीत टिवाना ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं बनता।

डिस्चार्ज होने वालों में तत्कालीन थाना डिवीजन नंबर-1, जालंधर के SHO इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, ASI बलविंदर कुमार और महिला कांस्टेबल जगजीत कौर शामिल हैं। तीनों के खिलाफ थाना तलवंडी चौधरियां में FIR नंबर 52 दर्ज की गई थी।सुसाइड करने वाले भाईयों की फोटो।

सुसाइड करने वाले भाईयों की फोटो।

16 अगस्त को थाने में हुआ था विवाद

मामला 16 अगस्त 2023 की पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। तब ये आरोप लगाया गया कि मानवजीत सिंह ढिल्लों को जालंधर के थाना डिवीजन नंबर-1 में पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस अधिकारियों के व्यवहार और कथित मारपीट से मानवजीत मानसिक रूप से परेशान थे। इसके अगले दिन मानवजीत और उनके छोटे भाई जश्नबीर सिंह ढिल्लों ने गोइंदवाल पुल से ब्यास नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के बाद दोनों भाइयों की तलाश शुरू की गई। जश्नबीर का शव 2 सितंबर 2023 को ब्यास नदी के किनारे मंड क्षेत्र में मिला था। उस समय मानवजीत का शव बरामद नहीं हुआ था।

तीन पुलिसकर्मियों पर दर्ज हुई थी FIR

जश्नबीर का शव मिलने के बाद 3 सितंबर 2023 को थाना तलवंडी चौधरियां में FIR नंबर 52 दर्ज की गई। इसमें इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, ASI बलविंदर कुमार और महिला कांस्टेबल जगजीत कौर के खिलाफ IPC की धारा 306, 506 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि पुलिसकर्मियों की कथित प्रताड़ना के कारण दोनों भाइयों ने आत्महत्या की।

जश्नबीर के शव की पहचान पर भी उठे थे सवाल

जश्नबीर का शव मिलने के बाद उसकी पहचान कपड़ों, जूतों, बेल्ट और अन्य सामान के आधार पर की गई थी। बाद में DNA जांच भी करवाई गई। उपलब्ध रिपोर्टों में DNA सैंपल को लेकर जांच पर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई थी। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, DNA सैंपल खराब होने के कारण जांच का परिणाम निर्णायक नहीं रहा। FSL रिपोर्ट में मौत का कारण डूबने से दम घुटना बताया गया।

कोर्ट ने रिकॉर्ड के आधार पर दी राहत

आरोपी पुलिस अधिकारियों ने केस से डिस्चार्ज करने के लिए अदालत में अर्जियां दाखिल की थीं। अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और मामले के तथ्यों का आकलन करने के बाद माना कि आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं बनता। इसी आधार पर अदालत ने इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, ASI बलविंदर कुमार और महिला कांस्टेबल जगजीत कौर को इस केस से डिस्चार्ज कर दिया।

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