पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पीड़ित व्यापारी का खुद का ड्राइवर-नौकर सनी खोसला और उसका जीजा हरदीप थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, ड्राइवर सनी खोसला को यह बात अच्छी तरह मालूम थी कि उसका मालिक अक्सर अपने दफ्तर से भारी कैश लेकर घर जाता है। पैसे के लालच में उसने अपने जीजा के साथ मिलकर करीब डेढ़ महीने पहले ही लूट की योजना बनानी शुरू कर दी थी।
आरोपियों ने 13 तारीख को बाकायदा उस इलाके की रेकी की थी जहां स्ट्रीट लाइटें नहीं थीं और रास्ता सुनसान था। वारदात वाले दिन आरोपी कार से घर लौट रहे व्यापारी को रास्ते में घेरकर लोहे की रॉड से हमला कर शीशे तोड़ दिए और कैश वाले 2 बैग छीनकर फरार हो गए। हालांकि सनी खुद मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन वह पल-पल की जानकारी अपने साथियों को दे रहा था।

बटाला से बुलाए गए थे पुराने अपराधी, पैसे के बंटवारे में जीजे ने की हेराफेरी
वारदात के बाद आरोपियों ने बिधिपुर फाटक के पास पैसे आपस में बांटे। जीजा ने चालाकी दिखाते हुए बाकी साथियों से झूठ बोला कि सिर्फ 50 लाख रुपए ही मिले हैं और बाकी चार साथियों में 13-13 लाख रुपए बांट दिए, जबकि बड़ा हिस्सा खुद रख लिया।
बटाला से किराए पर ली गाड़ी
आरोपियों ने बटाला से किराए पर ली गाड़ी के ड्राइवर को भी इस साजिश में शामिल कर उसे 3 लाख रुपए दिए थे। पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर सीसीटीवी और तकनीकी इनपुट की मदद से सुबह तक ही सुराग तलाश लिए थे और दोपहर तक मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में से 4 का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड है, जिन पर कई मामले दर्ज हैं।
