जालंधर, 6 सितंबर: रोशनी के महापर्व दीवाली में अब दो महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन जालंधर के सैकड़ों पटाखा कारोबारी अपने भविष्य और रोज़गार को लेकर भारी असमंजस और चिंता में हैं। महावीर बजरंगबली फायरवर्क्स एसोसिएशन के प्रधान रवि महाजन, जालंधर फायरवर्क्स एसोसिएशन के प्रधान विकास भंडारी और महासचिव राजेश जैन ने ज़िला प्रशासन और पंजाब सरकार पर पटाखा व्यापारियों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए गहरी निराशा जताई है। रवि महाजन ने कहा कि पिछले दो वर्षों से प्रशासन से केवल आश्वासन ही मिले हैं, कोई ठोस समाधान नहीं निकला। वर्ष 2025 में बर्ल्टन पार्क से मार्केट हटाए जाने के बाद से आज तक कोई स्थायी और सुरक्षित स्थान निर्धारित नहीं किया गया, जिससे व्यापारियों को हर साल आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। पिछले वर्ष भी अंतिम समय में पठानकोट चौक के पास बनाई गई अस्थायी मार्केट में जगह और बुनियादी सुविधाओं के भारी अभाव के कारण दुकानदारों को बड़ा घाटा उठाना पड़ा था।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दीवाली के कारोबार की तैयारी—जैसे माल की अग्रिम खरीद, लाइसेंसिंग और सुरक्षा इंतज़ाम—महीनों पहले शुरू करनी होती है, लेकिन जब जगह ही तय न हो तो व्यापारी योजना कैसे बनाएं। पटाखा कारोबार से हज़ारों परिवारों की आजीविका जुड़ी है और यह उनके साल भर की कमाई का मुख्य जरिया है। ऐसे में अंतिम समय तक लटकाए रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। तीनों पदाधिकारियों ने ज़िला प्रशासन से तुरंत बैठक बुलाने, सुरक्षा, पार्किंग और दमकल प्रबंधों से लैस उचित स्थल का चयन करने और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। इसके साथ ही व्यापारियों ने एक ठोस विकल्प पेश करते हुए मांग की कि थाना नंबर 7 के सामने खाली पड़ी सरकारी ज़मीन को कम से कम 5 वर्ष के लिए पटाखा व्यापारियों को लीज पर अलॉट किया जाए, जिसे व्यापारी स्वयं लीज पर लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो व्यापारियों में उपजा रोष और बढ़ेगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
