जालंधर– जालंधर में किडनैप हुए 4 साल के बच्चे को पुलिस ने खोज निकाला है। इसके साथ किडनैपिंग के आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जालंधर में आदमपुर के रहने वाले रजत रत्तु उर्फ रॉकी के रूप में हुई है। वह पेशे से ड्राइवर है।
उसने खुलासा किया है कि वह बच्चे को बेचने वाला था। एक लाख रुपए में उसने बच्चे का सौदा किया था और 20 हजार रुपए एडवांस भी ले चुका था। हालांकि, पुलिस की नाकेबंदी के चलते उसे बच्चे को जालंधर बस स्टैंड पर छोड़कर भागना पड़ा।
इससे पहले वह करीब 8 घंटे तक बच्चे को जालंधर शहर में स्कूटी पर लेकर घूमते रहे। पुलिस को सीसीटीवी मिला है, जिसमें आरोपी बच्चे को स्कूटी पर लेकर जाते दिख रहे हैं। पुलिस अब आरोपी के साथी की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है।

पुलिस ने किडनैपर को पकड़ लिया है। बच्चा भी परिजन के पास पहुंच गया है।


पुलिस ने किडनैपिंग की यह पूरी कहानी बताई
- घर के सामने से उठा ले गए आरोपी: जालंधर के DCP आदित्य वॉरियर ने खुलासा किया है कि जालंधर के बस्ती बावा खेल के पन्नू विहार इलाके से 17 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे 4 वर्षीय बच्चा केशव का किडनैप हुआ था। आरोपी रॉकी अपने साथी प्रिंस के साथ मिलकर बच्चे को उसके घर के सामने से स्कूटी पर बैठा ले गया था।
- परिजन की शिकायत पर नाकाबंदी की: DCP के अनुसार, बच्चे के मिसिंग होने की जानकारी जैसे ही उसके माता-पिता को हुई, उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी। बच्चे की मां शानू हाउस वाइफ हैं और पिता आनंद ठाकुर कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी शिकायत पर पुलिस ने बिना देरी किए शहर में नाकाबंदी कर दी और बच्चे की तलाश शुरू की।
- बस स्टैंड पर छोड़कर भागे आरोपी: अधिकारी ने बताया कि पुलिस की सख्त नाकेबंदी के चलते किडनैपर बच्चे को लेकर शहर से बाहर नहीं निकल पाए। वे बच्चे को स्कूटी पर लेकर शहर में ही घूमते रहे। अंत में बच्चे को जालंधर बस स्टैंड पर छोड़कर फरार हो गए। बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने रोते बच्चे को देख उससे जानकारी ली और पुलिस को उसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को बरामद कर परिवार को सौंप दिया।
- सीसीटीवी से पहचान कर किडनैपर पकड़ा: DCP बताते हैं कि बच्चे के मिलने के बाद उसके किडनैपर्स की तलाश जारी थी। इसी बीच पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, जिनमें आरोपी दिखे। उनकी पहचान की गई और सोमवार सुबह छापा मारकर आरोपी रॉकी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी ने बताया- बच्चे को बेचना था
DCP ने बताया है कि आरोपी रॉकी ने पूछताछ में बताया कि वह पेशे से ड्राइवर है। उसने अपने साथी के साथ मिलकर पहली बार किसी ऐसी आपराधिक वारदात को अंजाम दिया था और पहली बार में वह पकड़ा गया।
आरोपियों ने बच्चे को बेचने का सौदा किया था। सौदा 1 लाख रुपये में तय हुआ और आरोपियों ने 20 हजार रुपये की एडवांस राशि भी ले ली थी। जिन लोगों को बच्चा बेचा जाना था, पुलिस ने उन्हें भी केस में नामजद कर लिया है। हालांकि, उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पहचान छिपाने के लिए हुलिया बदला
अपहरण के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़े बदल लिए थे। उन्होंने बच्चे का भी हुलिया बदलने की कोशिश की थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके बदले गए कपड़े भी रिकवर कर लिए हैं।
