मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी है। युवराज की बहन हरसिमरन मनचंदा ने सीनियर एडवोकेट अमित प्रसाद के जरिए याचिका दायर की। इसमें कहा गया कि शव बरामद होने के बावजूद उसकी जानकारी इंटर-स्टेट पुलिस डेटाबेस ‘जिपनेट’ पर अपलोड नहीं की गई।
याचिका में लापता लोगों और अज्ञात शवों के मामलों में कार्रवाई के लिए देशभर में एक समान SOP बनाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली और गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नरों से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस के 5 कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल की गश्त और रिस्पॉन्स सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है। बता दें कि 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा अडानी रियल्टी में सेल्स मैनेजर थे। उनका शव 10 अक्टूबर को मिला था।

जानिए पूरे मामले में क्या एक्शन लिया गया…
IO सस्पेंड, 5 अधिकारी निशाने पर
इस मामले में जांच अधिकारी ASI साहून खान को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। उन पर अज्ञात शव मिलने के बाद उसकी शिनाख्त और कानूनी प्रक्रिया में लापरवाही बरतने का आरोप है। उनके साथ ही कंट्रोल रूम के अधिकारी और फॉरेंसिक टीम के 2 अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
अज्ञात शवों के लिए ACP हेडक्वार्टर नोडल ऑफिसर
युवराज हत्याकांड के बाद पुलिस ने अज्ञात शवों की पहचान को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब जिले में मिलने वाले हर अज्ञात शव की निगरानी ACP हेडक्वार्टर करेंगे। उन्हें स्पेशल नोडल ऑफिसर बनाया गया है।
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी की भी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। वह सीधे DCP क्राइम को रिपोर्ट करेंगे। नई व्यवस्था में अज्ञात शव से जुड़ी सूचना और कार्रवाई उच्च अधिकारियों की निगरानी में रहेगी।
दिल्ली समेत 5 पड़ोसी जिलों से तुरंत शेयर होगी जानकारी
अज्ञात शव मिलने पर गुरुग्राम कंट्रोल रूम को दिल्ली पुलिस के साथ फरीदाबाद, झज्जर, नूंह, रेवाड़ी और पलवल के कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करना होगा। शव की फोटो, हुलिया और उपलब्ध जानकारी शेयर की जाएगी।
इसका मकसद दूसरे जिलों या राज्यों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों से मिलान कर जल्द पहचान करना है।

डॉक्टर की भूमिका पर भी सवाल
DCP साउथ आयुष यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर और फोरेंसिक यूनिट के अधिकारियों समेत कम से कम 5 अधिकारियों पर लापरवाही और चूक के लिए एक-दो दिन में कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले के जांच अधिकारी को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।
शव का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर की भूमिका को लेकर भी हरियाणा स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई की सिफारिश भेजी जाएगी। डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना होने की आशंका जताई थी।
अब पढ़िए क्या था पूरा मामला?
10 सितंबर को शव मिला, 14 को अंतिम संस्कार
अडानी रियल्टी के 31 वर्षीय सेल्स मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा 6 सितंबर को लापता हुए थे। 10 सितंबर को गुरुग्राम पुलिस को उनका शव बादशाहपुर के पास एक नाले से मिला। पहचान नहीं होने पर पुलिस ने शव को अज्ञात मान 14 सितंबर को अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में पता चला कि शव युवराज का था।
दिल्ली पुलिस की तकनीकी जांच से हत्यारों तक पहुंची
दिल्ली पुलिस की तकनीकी जांच में युवराज की पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा का नाम सामने आया। दोनों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने पैसों के विवाद में युवराज की गोली मारकर हत्या करने की बात कबूल की।
पोस्टमॉर्टम में डूबने की आशंका जताई
युवराज के शव का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया था। अब डॉक्टर की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। गुरुग्राम पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश भेजने की बात कही है।


