कपूरथला- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कपूरथला स्थित आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के 14वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिग्रियां वितरित करते हुए कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के नए अवसर देकर अपने पैरों पर खड़ा करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनाने की दिशा में काम कर रही है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार की अनदेखी के कारण पहले राज्य के युवाओं को विदेश जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था, लेकिन वर्तमान सरकार ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के साथ ही अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को पूरी तरह मेरिट के आधार पर बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां दी हैं। चार साल के निरंतर प्रयासों के चलते नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान से छलांग लगाकर देश भर में पहले नंबर पर पहुंच चुका है।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिग्री सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को हकीकत में बदलने का माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों को सिंगापुर और फिनलैंड भेजकर विश्वस्तरीय शिक्षण पद्धतियां लागू करने, स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब स्थापित करने तथा अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने जैसे कदमों को गिनाया। नशे के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए मान ने कहा कि पंजाब को बदनाम करने के बजाय केंद्र और गुजरात सरकार को अपने बंदरगाहों से देश में आ रहे नशे के प्रवाह को रोकना चाहिए और अपनी नाकामियों का जवाब देना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित छह प्रमुख खिलाड़ियों को सम्मानित किया और युवाओं से शिक्षा, खेल और नवाचार को रंगला पंजाब के निर्माण का मजबूत आधार बनाने का आह्वान किया।

