वायरल नशे के वीडियो पर ACP वेस्ट का स्पष्टीकरण, दशहरा ग्राउंड में बंद करवाए लावारिस कमरे

जालंधर। सोशल मीडिया पर दशहरा ग्राउंड में कुछ युवकों के कथित तौर पर नशा करते हुए वायरल हो रहे वीडियो को लेकर जालंधर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया है। एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया (PPS) ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो करीब तीन दिन पुराना है। उन्होंने कहा कि पुलिस नशे की तस्करी और नशीली गतिविधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है और इस दिशा में थाना डिवीजन नंबर-5 के क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह के दौरान NDPS एक्ट के तहत 3 FIR दर्ज की गई हैं।

एसीपी आतिश भाटिया ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई केवल नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 25 युवाओं को OOAT क्लीनिकों और नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज एवं पुनर्वास के लिए भर्ती करवाया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य नशे की सप्लाई पर रोक लगाने के साथ-साथ प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाना भी है।

उन्होंने बताया कि दशहरा ग्राउंड में मौजूद लावारिस ढांचों और कमरों का कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा नशीली गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका को देखते हुए स्थानीय नेताओं और आम लोगों के सहयोग से इन स्थानों को बंद करवा दिया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और गश्त को भी बढ़ाया गया है। पुलिस के अनुसार, इसी इलाके से हाल ही में 5,000 नशीली गोलियां बरामद की गई थीं, जिसके बाद नशे के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को और तेज किया गया है।

एसीपी वेस्ट ने कहा कि कमिश्नरेट पुलिस जालंधर द्वारा CASO (Cordon and Search Operation) चलाने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आने वाली सूचनाओं को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित तथ्यों की जांच कर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी इलाके में नशा करने, बेचने या सप्लाई करने से संबंधित गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। पुलिस का कहना है कि समय पर मिली सूचना से नशे के कारोबार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

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