जालंधर– पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ मोहाली के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जालंधर प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुईं। ईडी ने उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी जांच के मुताबिक, प्रोजेक्ट के लिए जमीन के लैंड यूज में बदलाव यानी CLU की मंजूरी देने में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई थीं। पुलिस की एफआईआर के आधार पर ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। मामले में मुख्य प्रमोटर अजय सहगल को ईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

जालंधर ED दफ्तर के अंदर जाती हुईं कंवलप्रीत बराड़।
पढ़ें पूरा मामला:-
- 2020 में शिकायत से शुरू हुआ मामला: मोहाली के पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह ने 2020 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने उनकी 53 कनाल जमीन समेत 14 अन्य किसानों की कुल 30.5 एकड़ जमीन के फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए गए थे।
- 25 नवंबर 2020 में पुलिस की पहली जांच: मोहाली के तत्कालीन SP (इन्वेस्टिगेशन) हरमनदीप हंस ने जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप सामने आए। जांच के बाद मुल्लांपुर थाने में नवंबर 2022 में FIR दर्ज की गई। यही मामला आगे चलकर ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बना।
- 7 मई 2026 में ईडी की बड़ी कार्रवाई: पुलिस की FIR के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इसके बाद मोहाली और चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ईडी ने सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल समेत ABS Township और Eltus Space Builders से जुड़े अधिकारियों और निदेशकों से पूछताछ की।
- 7 मई 2026 को ₹21 लाख कैश का मामला: ईडी की कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोहल के घर पर भी छापेमारी हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान 9वीं मंजिल से ₹21 लाख कैश नीचे फेंका गया। ईडी ने पूछताछ के बाद अजय सहगल को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें सनटेक सिटी का प्रमुख प्रमोटर बताया गया है।
- मई 2026 में ईडी कस्टडी: गिरफ्तारी के बाद सहगल को मोहाली की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 27 मई 2026 तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया।
कई अधिकारियों से हो चुकी पूछताछ
जांच का दायरा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी और आवास विभाग के कामकाज में अनियमितताओं तक बढ़ गया है। ईडी पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। सनटेक सिटी समेत अन्य प्रोजेक्ट्स को जारी की गई CLU मंजूरियों से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मांगा है।
