भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम: PM मोदी से नेतन्याहू-ट्रंप तक, दुनिया ने की तारीफ

दुबई- दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा।

रिपोर्टों के मुताबिक, विमान ने बेहद कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। स्थिति बिगड़ती देख यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे अंदर मौजूद हमलावर को काबू करने का रास्ता बना।

घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कैप्टन मच्छार के साहस की खास तौर पर तारीफ की। उनके मुताबिक, भारतीय पायलट बुरी तरह घायल और खून से लथपथ थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की।

इसके बाद इस्राइली यात्री यानिव हयून कॉकपिट के अंदर पहुंचे। नेतन्याहू के अनुसार, हयून ने कथित हमलावर को पीछे से पकड़कर नियंत्रण से दूर किया और पायलट की सीट पर पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की। अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों ने भी हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई।

तबूक में सुरक्षित उतरा विमान

घटना के बाद फ्लाईदुबई के विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया। विमान ने तबूक में सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया। फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की कि फ्लाइट के कॉकपिट में झड़प हुई थी और विमान में मौजूद ड्यूटी क्रू ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रूप से डायवर्ट किया।

नेतन्याहू ने कहा- यह अविश्वसनीय साहस था

इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को ‘अविश्वसनीय’ बताया। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने जिस तरह स्थिति का सामना किया, उसने यात्रियों और चालक दल को हस्तक्षेप का मौका दिया।

नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और विमान में मौजूद अन्य लोगों के प्रयासों को उस बड़ी त्रासदी को टालने से जोड़ा, जो उनके मुताबिक बड़े स्तर पर जानमाल का नुकसान कर सकती थी।

पीएम मोदी ने कहा- कैप्टन स्मित मच्छार एक HERO हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। पीएम मोदी ने उन्हें ‘हीरो’ बताते हुए कहा कि उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।

इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने भी किया सलाम

इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। मंत्रालय के मुताबिक, इससे इस्राइली यात्रियों और अमीराती क्रू को अंदर पहुंचकर स्थिति संभालने का मौका मिला। इस्राइल के भारत में राजदूत रुवेन अजार ने भी कैप्टन मच्छार और विमान में मौजूद अन्य यात्रियों एवं क्रू की बहादुरी की सराहना की।

भारतीय दूतावास ने बताया- असाधारण साहस

इस्राइल में भारतीय दूतावास ने कैप्टन मच्छार के साहस, संयम और कर्तव्य के प्रति समर्पण की तारीफ की। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने भी उनकी बहादुरी को सलाम किया। फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने भी कैप्टन मच्छार की तारीफ करते हुए कहा कि घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की और यात्रियों तथा क्रू को हमलावर को काबू करने का अवसर मिला।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी की तारीफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना को लेकर कैप्टन मच्छार और यात्री यानिव हयून की तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने दरवाजा खोलकर अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हयून की भी सराहना की, जिन्होंने कथित हमलावर को काबू करने और विमान को संभालने में मदद की।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को विदेश मंत्रालय ने किया सलाम

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए बताया कि उनका इलाज चल रहा है और वे सुरक्षित हैं। फ्लाईदुबई की फ्लाइट के दौरान पायलट स्मित पर हमला हुआ था। घायल होने के बाद भी स्मित ने यात्रियों और क्रू की जान बचाने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा ”हम कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम करते हैं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने अद्भुत साहस दिखाया और कई लोगों की जान बचाई। उनका इलाज चल रहा है और वे सुरक्षित हैं। हम उनके जल्द ठीक होने की कामना और प्रार्थना करते हैं। देश गर्व के साथ उनके और उनके परिवार के साथ खड़ा है।”

जयशंकर ने भी की बहादुरी की तारीफ

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा ”कैप्टन स्मित मच्छर की असाधारण हिम्मत और मुश्किल हालात में भी सूझ-बूझ दिखाने की काबिलियत ने कल सैकड़ों लोगों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। उनकी बहादुरी को सलाम करने और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करने के लिए दुनियाभर के अनगिनत लोगों के साथ जुड़ें।”

यात्री यानिव हयून भी बने चर्चा का केंद्र

इस घटना में इस्राइली यात्री यानिव हयून की भूमिका भी सामने आई है। हयून ने बताया कि वह कॉकपिट में पहुंचे तो कथित हमलावर विमान के नियंत्रण वाले उपकरणों के पास था। उन्होंने उसे पीछे से पकड़कर वहां से हटाया और विमान को नियंत्रित करने में मदद की।

हयून ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान यह भी बताया था कि उन्हें विमान के नियंत्रण के बारे में कुछ जानकारी टीवी के कार्यक्रम ‘एयर क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ से मिली थी। नेतन्याहू ने उन्हें भी ‘हीरो’ बताया।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

कैप्टन स्मित मच्छार अनुभवी भारतीय पायलट हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास 13 साल से ज्यादा का कमर्शियल एविएशन अनुभव है और उन्होंने करीब 9,750 घंटे उड़ान भरी है। वह मुख्य रूप से बोइंग 737 विमान उड़ाते रहे हैं।

फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले उन्होंने करीब 11 साल तक भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट में काम किया था, जहां वह लाइन ट्रेनिंग कैप्टन भी रहे। वह जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे।

कैसे बिगड़ी थी स्थिति?

फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इसी दौरान कॉकपिट में कथित तौर पर दोनों पायलटों के बीच झड़प हुई और कैप्टन मच्छार घायल हो गए। विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी।

यात्रियों ने विमान में तेज झटके महसूस किए। कुछ यात्रियों के मुताबिक, विमान के अचानक नीचे जाने से लोग घबरा गए और उन्हें लगा कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। इसी दौरान यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति को संभालने में मदद की।

हमले के पीछे क्या था मकसद?

घटना के पीछे कथित हमलावर का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। नेतन्याहू ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और यह पता लगाया जाना बाकी है कि हमलावर ने ऐसा क्यों किया और क्या उसके कोई सहयोगी थे। उन्होंने ईरान की संभावित भूमिका को लेकर भी कहा कि इस समय कुछ कहना जल्दबाजी होगी और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।

फ्लाईदुबई ने इस्राइल की उड़ानें अस्थायी रूप से रोकीं

घटना के बाद फ्लाईदुबई ने जांच पूरी होने तक इस्राइल से जुड़ी अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। इस बीच संबंधित अधिकारी घटना की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।

पूरे घटनाक्रम में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर भारत, इस्राइल और अमेरिका समेत कई जगहों से सार्वजनिक तौर पर सराहना सामने आई है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में उनकी भूमिका और इसके बाद यात्रियों व क्रू के हस्तक्षेप को विमान को सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया में अहम माना जा रहा है।

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