देवघर: झारखंड के सुप्रसिद्ध देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना वैदिक एवं तांत्रिक पद्धति के अनूठे संगम के साथ आरंभ हो गई है। सदियों से चली आ रही इस विशिष्ट परंपरा का निर्वहन आज भी सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा और स्टेट पुरोहित श्रीनाथ महाराज द्वारा पूरी निष्ठा एवं विधि-विधान से किया जाता है। स्टेट पुरोहित श्रीनाथ महाराज के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम में शैव और शाक्त दोनों परंपराओं का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन धरा पर माता सती का हृदय गिरा था, जिस कारण यह स्थल शक्तिपीठ के रूप में भी अत्यधिक पूजनीय है और यहां मां शक्ति की विशेष तांत्रिक आराधना का विधान है।
इसी ऐतिहासिक व धार्मिक परंपरा के तहत सरदार पंडा के पूर्वजों द्वारा स्थापित तांत्रिक पूजा पद्धति को आज भी निरंतर जारी रखा गया है। इस वर्ष मंदिर में कुल 11 पूजा तिथियां निर्धारित की गई हैं। इसके तहत लगातार नौ दिनों तक मंदिर परिसर में स्थित हवन कुंड में विशेष आहुतियां दी जाएंगी और अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा, जिसका पूर्णाहुति समापन महानवमी के दिन होगा। नवरात्र के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूजा-अर्चना के सभी प्रबंध व्यवस्थित रूप से किए जा रहे हैं।

