अखंड केसरी ब्यूरो :- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अपने प्रक्षेपण यान GSLV-F17 के माध्यम से अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ‘EOS-05’ को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। इस मिशन की ऐतिहासिक सफलता के साथ ही भारत को भू-स्थिर (जियोसिंक्रोनस) कक्षा से चौबीसों घंटे निगरानी करने वाला पहला समर्पित इमेजिंग उपग्रह प्राप्त हो गया है। लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित यह आधुनिक उपग्रह वास्तविक समय (रियल-टाइम) में सटीक तस्वीरें उपलब्ध कराएगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, कृषि निगरानी और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में गेम-चेंजर साबित होगा। ‘आसमान में तीसरी आंख’ के रूप में देखा जा रहा यह मिशन न केवल इसरो वैज्ञानिकों के असाधारण कौशल का प्रमाण है, बल्कि यह देश के घरेलू उद्योगों और उन्नत विनिर्माण क्षमता के समन्वय से अंतरिक्ष क्षेत्र में उभरते एक आत्मनिर्भर, शक्तिशाली और महत्त्वाकांक्षी नए भारत की तस्वीर को भी पूरी दुनिया के सामने गर्व से प्रदर्शित करता है।
