जालंधर पुलिस की ‘गैंगस्टर्स के खिलाफ जंग’: फायरिंग मामले का चंद घंटों में पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार, संगठित नेटवर्क का शक**

जालंधर ब्यूरो** कमिशनरेट पुलिस जालंधर ने अपराधियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने अपने विशेष अभियान ‘वॉर अगेंस्ट गैंगस्टर्स’ (गैंगस्टर्स के खिलाफ जंग) के तहत रामा मंडी इलाके में हुई फायरिंग और डराने-धमकाने के मामले को बेहद कम समय में सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की पहचान भी कर ली गई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर जालंधर सुश्री धनप्रीत कौर (IPS) के कड़े निर्देशों और डीसीपी/इन्वेस्टिगेशन श्री मनप्रीत सिंह ढिल्लों (PPS), एडीसीपी/इन्वेस्टिगेशन श्री जयंत पुरी (IPS), एडीसीपी-I सुश्री आकर्षी जैन (IPS), एसीपी/डिटेक्टिव श्री अमरबीर सिंह (PPS) और एसीपी/सेंट्रल श्री राजेश ठाकुर (PPS) की सीधी देखरेख में अंजाम दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरिंदर कुमार और थाना रामा मंडी के एसएचओ इंस्पेक्टर जसपाल सिंह के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीमों का गठन किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, थाना रामा मंडी में दर्ज एफआईआर नंबर 130 (दिनांक 12.06.2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 109, 308, 324 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में यह बात सामने आई कि दोपहर करीब 3:00 बजे मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी और मौके से फरार हो गए थे। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और मानवीय खुफिया जानकारी (Human Intelligence) का बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए रिकॉर्ड समय में इस पेचीदा मामले की कड़ियों को जोड़ लिया।

शुरुआती पूछताछ और तफ्तीश में पुलिस को इस वारदात के पीछे किसी बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क (Organized Criminal Network) के शामिल होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गैंग के पीछे छिपे आकाओं का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जालंधर कमिशनरेट पुलिस जनता की शांति भंग करने और समाज में खौफ पैदा करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है और ‘जीरो-टोलरेंस’ नीति के तहत आगे भी ऐसी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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