पंजाब: जूनियर इंजीनियर को ड्रग्स के झूठे केस में फंसाने की साजिश, जांच के लिए SIT गठित; DSP फरार**

फाजिल्का:**  पंजाब के फाजिल्का में एक जूनियर इंजीनियर (JE) को नशीले पदार्थों के झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने के लिए फाजिल्का पुलिस द्वारा एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। फाजिल्का के एसएसपी गगन अजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साजिश में शामिल सभी आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के लिए एसपी (डी) की अगुवाई में यह एसआईटी बनाई गई है, जिसमें फाजिल्का के डीएसपी और अरनीवाला के एसएचओ को भी शामिल किया गया है।

यह पूरा मामला अरनीवाला सब-डिवीजन में तैनात और मंडी रोड़ांवाली गांव के निवासी जेई अमित कुमार की शिकायत के बाद प्रकाश में आया। शिकायत के मुताबिक, बीते 3 जून को जब वह अपने दफ्तर जा रहे थे, तब तीन पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी की तलाशी ली और दावा किया कि गाड़ी से एक चिट्टे (नशीले पाउडर) का पैकेट बरामद हुआ है। हालांकि, बाद में जब वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की गहनता से जांच की गई, तो गाड़ी से कोई भी नशीला पदार्थ नहीं मिला, जिसके बाद अमित कुमार बेकसूर साबित हुए।

पुलिस की आगे की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 2 जून को जेई अमित कुमार के ही गांव के रहने वाले तीन व्यक्तियों—सुखजिंदर सिंह उर्फ शीमी, सागर, और राजन कुमार उर्फ नंदू—ने उन्हें फंसाने की गहरी साजिश के तहत उनकी गाड़ी में वह पैकेट रखवाया था। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि इस पूरी साजिश में जलालाबाद में तैनात डीएसपी गुरसेवक सिंह भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने डीएसपी गुरसेवक सिंह को भी मामले में नामजद कर लिया है, जो एफआईआर दर्ज होने के बाद से फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

Share This Article
Leave a comment